Class 12 Exam Accident: 12वीं की परीक्षा के दौरान एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब परीक्षा दे रहे छात्र गोलू कुशवाहा के ऊपर अचानक दीवार का प्लास्टर गिर पड़ा. सिर, कंधे और उंगलियों में चोट लगने के बाद छात्र ने परीक्षा केंद्र की खराब व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. यह घटना न सिर्फ चिंताजनक है बल्कि परीक्षा केंद्र की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान छोड़ती है.
परीक्षा के दौरान हादसा कैसे हुआ?
गोलू कुशवाहा, जो गहरवार स्कूल का छात्र है, शासकीय सांदीपनि उच्च माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा देने गया था. कक्ष क्रमांक 14 में बैठकर पेपर लिखते समय अचानक दीवार का प्लास्टर टूटकर उसके ऊपर गिर गया. प्लास्टर गिरने से उसके सिर, कंधे और उंगलियों में चोट आई और वह तुरंत दर्द से कराहने लगा.
छात्र ने लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद गोलू ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र की कई कक्षाएं बहुत खराब और जर्जर हालत में हैं. उसने यह भी कहा कि घटना के बाद कोई भी शिक्षक उसे अस्पताल तक ले जाने नहीं आया, जिसके कारण उसे खुद ही प्राथमिक उपचार कराने में काफी परेशानी हुई. उसकी बातों ने केंद्र की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए.
प्रशासन का पक्ष और सवालों के जवाब न मिलना
घटना के बाद परीक्षा केंद्र अध्यक्ष रामकृष्ण पाराशर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. वहीं प्रभारी प्राचार्य के.एल. राय का कहना है कि परीक्षा से पहले सभी कक्षाओं की जांच की गई थी और उन्हें ऐसी किसी घटना की संभावना नहीं लगी थी. उनका कहना है कि छात्र को केवल उंगलियों में चोट आई है. हालांकि, यह बयान घटनास्थल की स्थिति से मेल नहीं खाता.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही है. यदि बिल्डिंग सुरक्षित थी, तो दीवार का प्लास्टर कैसे टूटकर गिर गया? और सबसे बड़ा सवाल हादसे के तुरंत बाद घायल छात्र को बिना सहायता के क्यों छोड़ दिया गया? यह मामला प्रशासनिक जिम्मेदारी, स्कूल प्रबंधन और परीक्षा सुरक्षा तीनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है. छात्र को इलाज के लिए अकेले क्यों जूझना पड़ा?