बेडरूम में हैवानियत: पति की दरिंदगी कैमरे में कैद, बेटी और पत्नी को बेरहमी से पीटा

मध्यप्रदेश के छतरपुर से दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पति ने बेडरूम में अपनी पत्नी को मासूम बच्ची के सामने बेरहमी से पीटा. बच्ची रोते हुए पिता से मां को छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन दरिंदगी जारी रही. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Chhatarpur Domestic Violence Video: मध्य प्रदेश के छतरपुर से आई यह घटना दिल दहला देने वाली है. यहां एक शख्स ने अपने ही घर के बेडरूम को हिंसा का अड्डा बना दिया और अपनी पत्नी को इस कदर पीटा कि देखने वालों की रूह कांप जाए. सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि इस पूरी वारदात के दौरान उनकी मासूम बच्ची वहीं मौजूद थी, जो रोते हुए अपने पिता से मां को छोड़ने की गुहार लगा रही थी. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

मासूम की चीखों के बीच दरिंदगी

सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के चौक बाजार इलाके से सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि पति को न तो पत्नी की बेबसी पर तरस आया और न ही अपनी बच्ची की चीखों का कोई असर हुआ. वह लगातार मारपीट करता रहा. कमरे में मौजूद छोटी बच्ची अपनी मां को पिटता देख सहम गई और उसकी रुलाई इस बात का सबूत है कि इस हिंसा ने उसके मासूम मन पर गहरी चोट पहुंचाई.

पुलिस तक नहीं पहुंची शिकायत

हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने और चर्चा का विषय बनने के बावजूद अब तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. पुलिस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में जरूर आया है, लेकिन औपचारिक शिकायत के बिना कानूनी कार्रवाई में दिक्कतें आती हैं. फिलहाल पुलिस इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है ताकि आरोपी के खिलाफ ठोस कदम उठाए जा सकें.

Advertisement

घरेलू हिंसा के बढ़ते मामले

छतरपुर में यह कोई पहली घटना नहीं है. जिले के एसपी कार्यालय और थानों में घरेलू हिंसा की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है. पारिवारिक झगड़े और विवाद अब घर की चारदीवारी से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच रहे हैं. जानकारों का कहना है कि जागरूकता की कमी और सामाजिक लोकलाज के डर से कई महिलाएं पुलिस तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे ऐसे पतियों के हौसले और बढ़ जाते हैं.

ये भी पढ़ें- एमपी में खाकी पर हमला! हाईवे पर पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, आंखों में झोंकी मिर्ची

समाज और सुरक्षा पर सवाल

चौक बाजार की यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि क्या महिलाएं घर के भीतर सुरक्षित हैं? महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाले समाज में जब मासूम बच्चों के सामने ऐसी हिंसा होती है, तो यह न केवल परिवार को तोड़ देती है बल्कि आने वाली पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है.

Advertisement

ये भी पढ़ें- नव वर्ष के जश्म में पटाखों से शुरू हुआ विवाद, मारपीट के शिकार युवक ने तोड़ा दम, परिजनों का भोपाल में हंगामा