भोपाल वासियों को नहीं रास आई मेट्रो सेवा, परेशान प्रबंधन ने 14 दिन में ही बदली टाइमिंग और घटाईं ट्रिप्स

मेट्रो के शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही. रोजाना चलने वाली ट्रिप्स में भी औसतन बहुत कम यात्री सफर कर रहे थे. लिहाजा, संचालन लागत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को देखते हुए मेट्रो कॉर्पोरेशन ने ट्रिप घटाने समेत टाइमिंग में बदलाव का फैसला लिया है.

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Bhopal Metro New Time Table: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में शुरू हुई मेट्रो सेवा राजधानी वासियों रास नहीं आ रही है. यही वजह है कि संचालन शुरू होने के महज 14 दिनों के भीतर ही भोपाल मेट्रो कॉर्पोरेशन (BMRCL) को बड़ा फैसला लेना पड़ा है. पैसेंजर्स की कम संख्या को देखते हुए न सिर्फ मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव किया गया है, बल्कि ट्रिप्स की संख्या भी घटा दी गई है.

नई व्यवस्था के तहत अब एम्स स्टेशन से मेट्रो सेवा सुबह 9 बजे के बजाय दोपहर 12 बजे शुरू होगी. वहीं, आखिरी मेट्रो पहले की तरह देर रात नहीं, बल्कि शाम 7:30 बजे ही चलाई जाएगी. यानी यात्रियों को अब सीमित समय में ही मेट्रो सुविधा उपलब्ध होंगी.

भोपाल मेट्रो कॉर्पोरेशन उठाया बड़ा कदम

सूत्रों के मुताबिक, मेट्रो के शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही. रोजाना चलने वाली ट्रिप्स में भी औसतन बहुत कम यात्री सफर कर रहे थे. लिहाजा, संचालन लागत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को देखते हुए मेट्रो कॉर्पोरेशन ने ट्रिप घटाने समेत टाइमिंग में बदलाव का फैसला लिया है. अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था फिलहाल अस्थाई है और यात्रियों की संख्या बढ़ने पर टाइमिंग और ट्रिप्स पर दोबारा विचार किया जा सकता है.

इसलिए घटी पैसेंजर्स की संख्या

ऐसा मानना है कि लोगों में अभी पूरी तरह जागरुकता नहीं है. इसके अलावा फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी, ऑटो-बस से बेहतर तालमेल और ऑफिस टाइम के अनुसार शेड्यूल न होना भी यात्रियों की कम संख्या की बड़ी वजह मानी जा रही है. वहीं, आम यात्रियों का कहना है कि सुबह और देर शाम के समय मेट्रो न मिलने से नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में लोग फिर से पुराने साधनों—बस, ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भर हो रहे हैं.

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फिलहाल, भोपाल मेट्रो के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह यात्रियों का भरोसा कैसे जीते और शहर की रोजमर्रा की जरूरतों के मुताबिक अपनी सेवाओं को कैसे ढालें. आने वाले दिनों में मेट्रो कॉर्पोरेशन की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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