भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, शुक्रवार को खुले स्थान पर होगी दोपहर की नमाज

धार की भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है. कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखते हुए मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक परिसर के पास खुले स्थान पर नमाज की अनुमति देने के निर्देश दिए हैं. ASI को भी बिना अनुमति किसी संरचनात्मक बदलाव पर रोक लगाई गई है.

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धार स्थित भोजशाला को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश जारी किया है. सर्वोच्च अदालत ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले में कोई तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया है. हालांकि, अदालत ने मुस्लिम समुदाय को राहत देते हुए हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच विवादित परिसर के पास किसी अलग खुले स्थान पर नमाज अदा करने की व्यवस्था करने को कहा है. कोर्ट का यह आदेश अंतिम निर्णय आने तक लागू रहेगा. अब इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की नजरें 5 अगस्त 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया अंतरिम आदेश

भोजशाला मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी पक्ष के अधिकारों पर अंतिम टिप्पणी नहीं की जा रही है. अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार निर्धारित समय में नमाज अदा करने की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए विवादित परिसर के पास उपयुक्त खुले स्थान का चयन किया जाएगा.

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दोपहर 1 से 3 बजे तक होगी नमाज

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा की जा सकेगी. हालांकि यह नमाज भोजशाला परिसर के भीतर नहीं, बल्कि उसके समीप किसी अलग खुले स्थान पर होगी. कोर्ट ने साफ किया है कि यह व्यवस्था केवल अंतरिम है और अंतिम फैसले के अधीन रहेगी.

धार्मिक गतिविधियों में बाधा न हो

अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्षों के धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान किसी प्रकार की बाधा या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो. कोर्ट ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी पक्षों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी.

ASI को भी दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं. अदालत ने कहा है कि भोजशाला परिसर में किसी भी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन या निर्माण संबंधी कार्य सुप्रीम कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा. इससे परिसर की वर्तमान स्थिति यथावत बनी रहेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त 2026 को निर्धारित की है. कोर्ट ने एसएलपी संख्या 23490/2026 को इस मामले का लीड केस माना है. माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में विवाद से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर विस्तृत बहस हो सकती है.

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फिलहाल यथास्थिति बरकरार

अदालत के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल भोजशाला परिसर में यथास्थिति बनी रहेगी. नमाज के लिए अलग खुले स्थान की व्यवस्था लागू होगी, जबकि परिसर के उपयोग और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अंतिम फैसला बाद में सुनाया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर इसकी समीक्षा शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि आदेश का विस्तृत अध्ययन करने के बाद यह तय किया जाएगा कि भोजशाला परिसर के पास किस स्थान पर नमाज की व्यवस्था की जाएगी. फिलहाल प्रशासन ने कहा है कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

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