मध्य प्रदेश के भिंड जिले में अचानक तब बवाल मच गया, जब एक दुष्कर्म का आरोपी प्रेमिका से जन्मी बच्ची को अपनी संतान बताने लगा और उसे अपने साथ रखने की इच्छा जताई. जब यह मांग पूरी नहीं हुई तो नाराज आरोपी चंपल नदी पर बने पुल की जाली पर चढ़ गया. उसने वहां से कूदकर आत्महत्या की धमकी दी.
घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश के अटेर थाना और उत्तर प्रदेश के खेरा राठौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. करीब एक घंटे तक पुलिस ने आरोपी को समझाया, जिसके बाद वह मान गया और सुरक्षित नीचे उतर आया. पुलिस की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया.
दरअसल, मामला अटेर के सुरपुरा थाना क्षेत्र के गोलू पुरवंशी से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि गोलू का एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था और एक दिन दोनों घर छोड़कर साथ में चले गए, लेकिन युवती बाद में घर लौट आई. इसके बाद युवती के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायत के आधार पर पुलिस ने गोलू के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जेल में रहने के दौरान उसकी प्रेमिका ने एक बच्ची को जन्म दिया. जेल से वापस आने के बाद गोलू ने बच्ची को अपनी संतान बताते हुए उसे अपने साथ रखने की मांग की.
गोलू ने इस संबंध में प्रेमिका के परिजनों से बातचीत कर बच्ची को अपने साथ रखने के लिए राजी करने का प्रयास किया, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए. परिजनों के इनकार के बाद आरोपी उत्तर प्रदेश के खेरा राठौर थाना क्षेत्र पहुंचा. वहां उसने दोबारा प्रेमिका के परिजनों को मनाने की कोशिश की, लेकिन जब उसकी बात नहीं मानी गई तो वह नाराज होकर वापस लौट आया.
इसके बाद वह अटेर क्षेत्र में चंबल नदी पर बने पुल पर पहुंचा और पुल की जाली पर चढ़ गया. आरोपी को जाली पर चढ़ा देखकर मौके पर हड़कंप मच गया. उसने पुलिस के सामने चंबल नदी में कूदने की धमकी देना शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही अटेर थाना पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश के खेरा राठौर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. दोनों राज्यों की पुलिस ने आरोपी को लगातार समझाने का प्रयास किया.
करीब एक घंटे तक पुलिसकर्मियों ने आरोपी से बातचीत की. पुलिस ने उसे समझाया कि बच्ची को लेकर वह कानून के तहत अपने अधिकार के लिए कार्रवाई कर सकता है. इसके लिए आत्महत्या जैसा कदम उठाना किसी समस्या का समाधान नहीं है. लगातार समझाइश के बाद आरोपी शांत हुआ और जाली के अंदर कूदकर पुलिसकर्मियों से बातचीत करने लगा.
आखिरकार पुलिस की समझाइश का असर हुआ और आरोपी ने आत्महत्या का इरादा छोड़ दिया. पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा और वापस उसके घर भेज दिया. अटेर और खेरा राठौर थाना पुलिस की सूझबूझ और समय रहते की गई कार्रवाई के चलते चंबल नदी में एक बड़ा हादसा होने से टल गया.