वीडियो में कहा- फिर झूठे केस में फंसाया जाएगा, 24 घंटे बाद हो गई FIR, कांग्रेस नेता ने पुलिस को दी चुनौती

भिंड के चर्चित हिस्ट्रीशीटर और सरपंच पति महादेव सिंह राजपूत ने वीडियो जारी कर खुद को झूठे मामले में फंसाने की आशंका जताई थी. हैरानी की बात यह रही कि 24 घंटे के भीतर उनके खिलाफ मारपीट और फायरिंग का नया मामला दर्ज हो गया.

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एमपी के भिंड जिले में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विवाद को आमने-सामने ला खड़ा कर दिया. चर्चित हिस्ट्रीशीटर और सरपंच पति महादेव सिंह राजपूत ने जेल से बाहर आते ही सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फिर किसी नए मामले में फंसाया जाएगा. हैरानी की बात यह रही कि उनके इस बयान के करीब 24 घंटे बाद ही पुलिस ने उनके खिलाफ मारपीट और फायरिंग का नया मामला दर्ज कर लिया.  

जमानत पर रिहा होने के बाद फिर FIR

महादेव सिंह राजपूत हाल ही में धोखाधड़ी के एक मामले में जेल गए थे. जमानत मिलने के बाद वह बाहर आए और सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया. वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है और जल्द ही उनके खिलाफ एक और झूठा मामला दर्ज कराया जाएगा. उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.

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मारपीट और फायरिंग के आरोप

वीडियो सामने आने के अगले दिन रौन थाना पुलिस ने महादेव सिंह राजपूत, कल्ली यादव और महेंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. यह शिकायत इंदुरखी गांव निवासी शैलेन्द्र उर्फ सुरेंद्र सिंह की ओर से दर्ज कराई गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने युवक को घेरकर मारपीट की और फायरिंग भी की. पुलिस के अनुसार यह घटना 22 जून की है. मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

पहले भी विवादों में रह चुके हैं महादेव सिंह

महादेव सिंह राजपूत का नाम पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहा है. धोखाधड़ी प्रकरण में गिरफ्तारी के समय पुलिस ने गांव में उनका जुलूस निकाला था और बाद में उन्हें जेल भेजा गया था. जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने खुले तौर पर पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विरोधियों पर सवाल उठाए थे.

वीडियो में लगाया था राजनीतिक साजिश का आरोप

महादेव सिंह ने अपने वायरल वीडियो में कहा था कि कुछ राजनीतिक लोग उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें दोबारा जेल भेजने की तैयारी की जा रही है. साथ ही उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें कथित झूठे मामलों से बचाने की मांग भी की थी.

कांग्रेस नेता राहुल भदौरिया का पुलिस पर हमला

नए मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल भदौरिया भी खुलकर मैदान में उतर आए. उन्होंने रौन थाना प्रभारी राजवीर गुर्जर पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया. राहुल भदौरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामला वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने पुलिस पर निष्पक्षता से काम नहीं करने का आरोप भी लगाया.

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पुलिस अधिकारियों की चुप्पी से उठे सवाल

पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है. जानकारी के अनुसार मीडिया ने जब एसडीओपी लहार प्रवीण त्रिपाठी और रौन थाना प्रभारी राजवीर गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की, तो कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई. इससे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.