ओलों की मार से उजड़ा अन्नदाता: भिंड में 60,000 हेक्टेयर से ज्यादा फसल तबाह! बीजेपी विधायक बना ली दूरी 

भिंड जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. करीब 60 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गेहूं और चने की फसल पूरी तरह तबाह हो गई. लहार विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

MP Hailstorm Crop Damage: भिंड जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है. शनिवार शाम अचानक बदले मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई. तेज आंधी-तूफान, बारिश के साथ हुई भारी ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेंहू और चने की फसल पूरी तरह चौपट हो गई. सबसे ज्यादा असर लहार विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला, जहां नुकसान का दायरा व्यापक है.

खेतों में बिछी ओलों की चादर 

आंधी और ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि खेतों में खड़ी पकी फसल टूटकर जमीन पर गिर गई. कई जगहों पर ओलों की मोटी परत जम गई, जिससे फसल को दोहरी मार झेलनी पड़ी. किसानों के मुताबिक, कटाई के ठीक पहले आई इस आपदा ने उनकी सालभर की मेहनत को पूरी तरह खत्म कर दिया.

Advertisement

60 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल बर्बाद

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 60 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गेंहू की फसल प्रभावित हुई है. कई किसानों की फसल 70 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है. खेती पर निर्भर परिवारों के लिए अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है.

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की दूरी से बढ़ा आक्रोश

फसल बर्बादी के बाद किसानों को उम्मीद थी कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करेंगे, लेकिन अब तक कई गांवों में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा. इससे किसानों में भारी नाराजगी है. साथ ही, क्षेत्रीय बीजेपी विधायक अम्बरीष शर्मा के घटनास्थल पर नहीं पहुंचने से भी लोगों में काफी नाराजगी है. किसानों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में जनप्रतिनिधियों का साथ न मिलना बेहद निराशाजनक है.

किसानों का छलका दर्द, भूखमरी का संकट

पीड़ित किसानों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है. एक किसान ने कहा, “करीब 70 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है. प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली. गांव का किसान भूखों मरने की कगार पर है. अगर हालात ऐसे ही रहे तो जहर खाने की नौबत आ जाएगी.” किसान कहना है कि “इतना बड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन कोई अधिकारी देखने तक नहीं आया. अब खाने के भी लाले पड़ गए हैं, परिवार कैसे चलेगा समझ नहीं आ रहा.”

सरकार से राहत की मांग 

किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से तत्काल राहत पैकेज देने और फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है. किसानों का कहना है कि अगर जल्द मुआवजा नहीं मिला, तो हालात और बिगड़ सकते हैं.

Advertisement