पीएमश्री MJS महाविद्यालय में दूषित पानी का खतरा, जान से खुला खिलवाड़, छात्रों में भारी रोष 

MP News: जिस छात्र ने सबसे पहले गंदा पानी देखा, उसने तुरंत पानी पीना बंद कर दिया, छात्र ने जिसका वीडियो भी बनाया. अन्य छात्रों को भी इसकी जानकारी दी.

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Contaminated water at PMShree MJS College : मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 25 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद भी प्रशासन और शैक्षणिक संस्थान सबक लेते नजर नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला भिंड जिले के पीएमश्री एमजेएस महाविद्यालय से सामने आया है, जहां छात्रों को गंदा, बदबूदार और दूषित पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है. यह स्थिति कॉलेज प्रशासन की गंभीर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करती है.

कॉलेज परिसर में छात्रों के पीने के लिए लगाए गए आरओ वाटर सिस्टम से निकलने वाले पानी में गंदगी, काई और केमिकल की परत साफ दिखाई दी है. पानी के ऊपर जमा रासायनिक परत और अंदर जमी गंदगी ने छात्रों की सेहत पर गंभीर खतरा खड़ा कर दिया है.

बिगड़ी छात्र की तबीयत

छात्रों के अनुसार, लगातार करीब 9 दिनों तक यही दूषित पानी पीया जाता रहा. इस दौरान एक छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद छात्रों ने आरओ वाटर को देखा तो उसके होश उड़ गए. पानी में गंदगी, काई और केमिकल जैसी परत साफ नजर आई.

जिस छात्र ने सबसे पहले गंदा पानी देखा, उसने तुरंत पानी पीना बंद कर दिया, छात्र ने जिसका वीडियो भी बनाया. अन्य छात्रों को भी इसकी जानकारी दी. इसके बावजूद, कॉलेज में शुद्ध पानी का कोई वैकल्पिक इंतजाम न होने के कारण कई छात्र मजबूरी में वही दूषित पानी पीते रहे.

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छात्रों में दहशत

इंदौर में हुई भयावह घटना के बाद कॉलेज के छात्रों में भारी दहशत का माहौल है. कई छात्र अब घर से बोतल में पानी भरकर कॉलेज आने को मजबूर हैं. एक छात्र ने कहा कि "जैसे इंदौर में दूषित पानी से 25 लोगों की मौत हो गई, कहीं वैसी ही कोई घटना यहां न हो जाए। कॉलेज के पानी को देखकर डर लगता है." दूसरे छात्र ने बताया कि  "आरओ होने के बावजूद हमें घर से पानी लाना पड़ रहा है, यह कॉलेज प्रबंधन की घोर लापरवाही है."

टंकी की नहीं होती नियमित सफाई

छात्रों का आरोप है कि कॉलेज की पानी की टंकी की नियमित सफाई नहीं होती है. लंबे समय से टंकी की सफाई न होने के कारण उसमें काई जम गई है, जिससे पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है. पानी में कई तरह की गंदगी और जमाव दिखाई दे रहा है, जो गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है.छात्रों ने बताया कि उन्होंने कॉलेज प्रबंधक से कई बार शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद न तो टंकी की सफाई कराई गई और न ही आरओ सिस्टम की जांच.शिकायत के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं. इस गंभीर मामले में कॉलेज प्रबंधक ने चुप्पी साध रखी है, जिससे छात्रों में भारी नाराजगी है.

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

चिकित्सकों के अनुसार दूषित पानी पीने से डायरिया, टायफाइड, पीलिया, फूड पॉइजनिंग, पेट संक्रमण और त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से जान का खतरा तक हो सकता है. कॉलेज में रोजाना सैकड़ों छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं. ऐसे में यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो कोई बड़ी स्वास्थ्य आपदा भी हो सकती है. छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलेज की पानी की टंकी की तत्काल सफाई कराई जाए, आरओ मशीन की तकनीकी जांच कर फिल्टर बदले जाएं, पानी का लैब टेस्ट कराया जाए, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो. 

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