27 हजार की रिश्वत लेते धराया नापतौल निरीक्षक, पेट्रोल पंप के नोजल का फ्लो ठीक करने के नाम पर मांगे रुपये

भिंड में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नापतौल विभाग के निरीक्षक को 27,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. आरोप है कि उसने पेट्रोल पंप के नोजल में जानबूझकर खराबी कर चार महीने तक नुकसान कराया और उसे ठीक करने के नाम पर 60 हजार रुपये मांगे.

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लोकायुक्त की गिरफ्त में आरोपी अधिकारी।

भिंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. नापतौल विभाग का निरीक्षक सौरभ शर्मा 27 हजार 500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया. आरोप है कि उसने पेट्रोल पंप के नोजल में जानबूझकर खामी पैदा कर दी और उसे ठीक करने के नाम पर 60 हजार रुपये की मांग की. चार महीने तक नुकसान झेलने के बाद परेशान संचालक ने लोकायुक्त से शिकायत की, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई.

ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को भिंड में छापा मारकर नापतौल विभाग के निरीक्षक सौरभ शर्मा को पकड़ लिया. वह बस स्टैंड के पास स्थित अपने कार्यालय में शिकायतकर्ता से रिश्वत की दूसरी किस्त ले रहा था. जैसे ही उसने पैसे हाथ में लिए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया.

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चार महीने तक कराया नुकसान

मामला बरोही थाना क्षेत्र के सावित्री लोधी पेट्रोल पंप से जुड़ा है. 26 जनवरी 2026 को निरीक्षक सौरभ शर्मा वहां नोजल की स्टेपिंग करने पहुंचा था. आरोप है कि उसी दौरान उसने जानबूझकर नोजल का फ्लो कम सेट कर दिया, जिससे पेट्रोल पंप संचालक को लगातार चार महीने तक आर्थिक नुकसान होता रहा.

ठीक करने के नाम पर मांगी रिश्वत

पेट्रोल पंप संचालक तेज नारायण नरवरिया ने कई बार नोजल ठीक करने की मांग की. उन्होंने विभागीय शुल्क के रूप में 1600 रुपये भी जमा कराए, लेकिन समस्या हल नहीं हुई. इसके बाद निरीक्षक ने फ्लो ठीक करने के नाम पर 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी. बाद में सौदा 50 हजार रुपये में तय हुआ और पैसे दो किस्तों में देने की बात हुई.

लोकायुक्त ने बिछाया ट्रैप

रिश्वत की मांग से परेशान होकर संचालक ने 25 मई को ग्वालियर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद टीम ने ट्रैप प्लान किया. पहली किस्त 22 हजार 500 रुपये 26 मई को दी गई. इसके बाद दूसरी किस्त 27 हजार 500 रुपये देने के लिए जाल बिछाया गया.

लोकायुक्त टीम ने नोटों पर विशेष केमिकल लगाया और शिकायतकर्ता को भेजा. जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, टीम ने उसे पकड़ लिया. उसके हाथ धुलवाए गए, जिसमें केमिकल की पुष्टि हुई. इससे साफ हो गया कि उसने रिश्वत ली थी.

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कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप

कार्रवाई के बाद आरोपी को कोतवाली थाना लाया गया और कागजी प्रक्रिया पूरी की गई. लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.