अलीराजपुर जिला पंचायत CEO ने भाजपा नेता पर दर्ज कराई FIR; सरकारी दफ्तर में धमकी का मामला, लगे गंभीर आरोप

Alirajpur CEO FIR: अलीराजपुर जिला पंचायत की CEO प्रिया काग ने भाजपा नेता इंदर सिंह चौहान पर धमकी और हमले की कोशिश का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई. पढ़िए क्या है पूरा ममला?

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MP में महिला अफसर से बदसलूकी का आरोप, भाजपा नेता के खिलाफ FIR

Alirajpur Crime News: मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में प्रशासनिक कामकाज और राजनीतिक दबाव को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रिया काग ने जिला पंचायत अध्यक्ष के पति और भाजपा नेता इंदर सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. सीईओ ने उन पर सरकारी कार्यालय में धमकाने, गाली‑गलौज करने और शारीरिक हमले की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. मामला ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना' के तहत आवेदनों को रद्द किए जाने से जुड़ा है. इस घटना ने महिला अधिकारियों की सुरक्षा और प्रशासनिक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से जुड़ा है पूरा विवाद

एफआईआर के मुताबिक, विवाद ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना' के तहत आए कुछ आवेदनों को निरस्त किए जाने से शुरू हुआ. सीईओ प्रिया काग ने शिकायत में बताया कि शासन के स्पष्ट दिशा‑निर्देशों के अनुसार केवल पात्र और अविवाहित लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिया जा सकता है. वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान यह सामने आया कि कुछ आवेदक पहले से शादीशुदा थे. कुछ मामलों में तो आवेदनकर्ताओं ने शादी के निमंत्रण पत्र (इनविटेशन कार्ड) की प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न कर रखी थीं, जिससे उनकी अपात्रता पूरी तरह स्पष्ट हो गई. नियमों के मुताबिक ऐसे आवेदनों को रद्द कर दिया गया.

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जिला कार्यालय में हुआ था विवाद

सीईओ की शिकायत के अनुसार, जैसे ही आवेदन रद्द किए गए, जिला पंचायत अध्यक्ष के पति इंदर सिंह चौहान इसे लेकर नाराज हो गए. वह जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और इन निरस्तीकरणों पर आपत्ति जताते हुए सीईओ से बहस करने लगे. आरोप है कि वह कार्यालय के मुख्य गेट के पास चिल्लाने लगे और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे.

धमकी और हमले की कोशिश का आरोप

प्रिया काग ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि उन्होंने चौहान को शांति से नियमों और रद्द किए जाने के कारणों के बारे में समझाने की कोशिश की, लेकिन वह और आक्रामक हो गए. शिकायत के मुताबिक, चौहान ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि “मैं तुम्हारे दांत तोड़ दूंगा और जान से मार दूंगा.” हालात तब और बिगड़ गए जब उन्होंने कथित तौर पर सीईओ की ओर बढ़कर शारीरिक हमला करने की कोशिश की.

कर्मचारियों ने बचाई स्थिति

इस दौरान जिला पंचायत के अकाउंट्स ऑफिसर सावन भिड़े ने बीच‑बचाव किया और स्थिति को किसी बड़े टकराव में बदलने से रोक लिया. यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं होता, तो मामला और गंभीर हो सकता था.

CCTV हटाने का भी लगा आरोप

सीईओ ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले इंदर सिंह चौहान ने उनके कार्यालय के केबिन से जबरन सीसीटीवी कैमरे हटवा दिए थे. इस संबंध में उन्होंने पहले ही डिप्टी कलेक्टर को शिकायत दी थी. ताजा घटना जिला पंचायत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है.

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सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

घटना के बाद सीईओ प्रिया काग ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि उन्हें न सिर्फ अपने कार्यस्थल बल्कि अपने घर पर भी असुरक्षा महसूस हो रही है. उन्होंने प्रशासन और पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

पुलिस ने दर्ज किया केस

अलीराजपुर पुलिस ने सीईओ की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

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विपक्ष का हमला, सरकार से कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है. विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा, “अगर नियमों के अनुसार काम करने वाली एक वरिष्ठ महिला अधिकारी को धमकाया जाता है, तो यह शासन व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है. राज्य सरकार को बिना किसी राजनीतिक दबाव के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.”

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