मध्य प्रदेश के इस जिले में पुराने वाहनों पर लगेगा बैन, कलेक्टर ने कबाड़ में भेजने के दिए आदेश

ग्वालियर जिले में कलेक्टर रुचिका चौहान ने 20 वर्ष से अधिक पुराने निजी और 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है. ऐसे वाहनों को जब्त कर स्क्रैप केंद्र भेजा जाएगा। कलेक्टर ने परिवहन विभाग को तीन दिन में ऐसे वाहनों की सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Old Vehicles Ban in Gwalior: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में पुराने वाहनों को लेकर कलेक्टर ने परिवहन विभाग को एक निर्देश जारी कर दिया है. अब जिले की सड़कों पर 20 वर्ष से अधिक पुराने निजी वाहन और 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन दौड़ते नजर नहीं आएंगे. अगर कोई ऐसा वाहन वाहन चलता मिलता है तो परिवहन विभाग इनको जब्त कर लेगा. इसके बाद इन्हें परिवहन विभाग के स्क्रैप केंद्र भेज दिया जाएगा.

तीन दिन में मांगी सूची

कलेक्टर रुचिका चौहान ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को ऐसे वाहनों की सूची तीन दिन में पेश करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही सरकार के प्रावधान को भी प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रावधानों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई की जा सके. उन्होंने विभागीय अधिकारी को कहा है कि प्राप्त सूची के आधार पर वाहनों का चलना प्रतिबंधित किया जाएगा. इसके साथ ही नियमानुसार स्क्रैप करने की कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

अब सड़कों पर न चलें पुराने वाहन

कलेक्टर ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए हैं. शासन के प्रावधानों एवं प्रदूषण को देखते हुए ग्वालियर जिले में पुराने वाहन सड़क पर न चलें. इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. निजी एवं शासकीय वाहनों के उपयोग की समय-सीमा शासन द्वारा निर्धारित की गई है.

बारिश से पहले सड़कों का पूरा हो निर्माण

कलेक्टर ने बरसात से पूर्व सड़कों की मरम्मत के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभाग की सभी सड़कों की मरम्मत बरसात से पहले करा लें. इसके साथ ही पुल-पुलियों की मरम्मत कराएं और शामन बोर्ड जरूर लगवाएं. शाइन बोर्ड पर ग्लोशाइन पट्टी भी लगाई जाए ताकि अंधेरे में भी नागरिकों को दिखाई दे सकें.

ये भी पढ़ें- Operation Sindoor के नाम के प्रोडक्ट छाए, यहां पेट्रोल पंप पर मिल रहा डिस्काउंट