Navratri 2023 : MP के ये 6 देवी मंदिर, जहां बरसती है देवी मां की कृपा, आप भी नवरात्रि में कर सकते हैं दर्शन

नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा (Durga Puja 2023) की जाती है. इन दिनों मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है. हम आपको नवरात्र के खास मौके पर मध्य प्रदेश के कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की जमकर भीड़ देखने को मिलती है.

विज्ञापन
Read Time: 16 mins

Navratri 2023 : नवरात्रि का त्योहार देश भर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो चुका है. नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा (Durga Puja 2023) की जाती है. इन दिनों मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है. हम आपको नवरात्र के खास मौके पर मध्य प्रदेश के कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की जमकर भीड़ देखने को मिलती है.


मैहर मंदिर

मध्य प्रदेश के नए जिले मैहर में प्राचीन और प्रसिद्ध मैहर माता (Maa Sharda Mandir Maihar) का मंदिर है. मैहर मंदिर त्रिकुटा पहाड़ी के ऊपर बना है. मैहर देवी मंदिर को भव्य शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. कहा जाता है कि यहां माता सती के गले का हार गिरा था, इस वजह से इस जगह का नाम मैहर रखा गया. मैहर माता के मंदिर तक पहुँचने के लिए एक हजार से अधिक सीढ़ियां बनी हैं, न सिर्फ़ नवरात्रि पर बल्कि आम दिनों में भी यहां भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है.

Advertisement

उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर

महाकाल की नगरी उज्जैन (Mahakal Ujjain) में लोग महादेव के दर्शन करने तो जाते ही हैं, लेकिन उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर (Harshidhi Mandir Ujjain) भी बेहद प्रचलित है. इस मंदिर का निर्माण प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य ने करवाया था. इस मंदिर में दो अद्वितीय आकार के लोखंड दीपक बने हैं. हरसिद्धि दुर्गा मंदिर प्राचीन शहर शिप्रा नदी के पूर्वी तट पर बना है.

Advertisement

दतिया रतनगढ़ माता मंदिर

दतिया ज़िले से क़रीब 60 किलोमीटर दूर रतनगढ़ माता मंदिर (Ratangarh Mata Mandir) देश भर में प्रचलित है. श्रद्धालु यहां दूर-दूर से माता का दर्शन करने आते हैं. कहते हैं कि यहां जो सच्चे मन से माता के सामने अर्ज़ी लगाता है उसकी मनोकामना ज़रूर पूरी होती है.

Advertisement

कवलका माता मंदिर

रतलाम के पास कवलका माता का मंदिर (Kawalka Mata Mandir) क़रीब 3 सौ साल पुराना है. कहा जाता है कि यहां माँ कवलका, माँ काली और काल भैरव की प्रतिमाएँ विराजमान है. जो मदिरा का सेवन करती हैं. माता को ख़ुश करने के लिए श्रद्धालु मदिरा का प्रसाद लगाते हैं.

चौसठ योगिनी मंदिर

जबलपुर के भेड़ाघाट में माता का लोकप्रिय मंदिर है जिसका नाम चौसठ योगिनी मंदिर है, यहां देवी दुर्गा की चौसठ योगिनी निवास करती हैं. इस मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी के आस-पास किया गया था. कहते हैं कि यहां जो कोई भी माता के दर्शन करने के लिए आता है, वह ख़ाली हाथ नहीं जाता है.

कंकाली माता का मंदिर

मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में कंकाली माता (Kankali Mata Mandir) का मंदिर बहुत प्रसिद्ध है.  कंकाली माता मंदिर रायसेन ज़िले के गोंदवाला गांवों में स्थित है. यहां माँ काली की देश की ऐसी पहली मूर्ति यहाँ स्थापित है जिनकी गर्दन 45 डिग्री झुकी हुई है.

यह भी पढ़े : MP के Datia का चमत्कारिक मंदिर, नेहरू परिवार से लेकर शिवराज-सिंधिया भी टेकते हैं माथा