सीहोर : भगवान गणेश और 'गोल्डन ग्रेन' के लिए मशहूर है मध्य प्रदेश का यह जिला

भोपाल की तरह सीहोर का भी गौरवशाली इतिहास रहा है. पहले भोपाल सीहोर जिले का ही हिस्सा हुआ करता था. बाद में जिले का पुनर्गठन हुआ और भोपाल अलग जिला घोषित कर दिया गया.

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सीहोर की सबसे मशहूर जगहों में सलकनपुर स्थित मां बिजासन देवी का मंदिर शामिल है...

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नज़दीक है सीहोर नाम का शहर. भोपाल की तरह सीहोर का भी एक गौरवशाली इतिहास रहा है. पहले भोपाल सीहोर जिले का ही हिस्सा हुआ करता था. बाद में जिले का पुनर्गठन हुआ और भोपाल अलग जिला घोषित कर दिया गया. पुराने समय में सीहोर को अवंती का हिस्सा माना जाता था, जिस पर मगध राजवंश, चंद्रगुप्त प्रथम, हर्षवर्धन, उसके बाद अशोक, राजा भोज, रानी कमलापति और फिर नवाबों का शासन या संरक्षण रहा. इस जिले का अपना अलग ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है.

यहां है मन्नत पूरी करने वाला मंदिर
सीहोर का चिंतामन गणेश मंदिर देशभर में प्रसिद्ध है, जिसके लिए कहा जाता है कि इसे कम से कम 2,000 साल पहले सम्राट विक्रमादित्य ने स्थापित किया था. मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि यहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर मन्नत मांगते से मन की इच्छा ज़रूर पूरी होती है. मुराद पूरी होने पर भक्त यहां सीधा स्वास्तिक चिह्न भगवान गणेश को भेंट करते हैं.

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'कण-कण में गोल्डन ग्रेन'
सीहोर का गेहूं दुनियाभर में पसंद किया जाता है. सबसे प्रीमियम किस्म का शरबती गेहूं सीहोर की धरती पर ही होता है. इसकी वजह है सीहोर की काली और जलोढ़ मिट्टी, जो बहुत उपजाऊ होती है. यह मिट्टी शरबती किस्म के गेहूं की फसल के लिए उपयुक्त होती है. इस गेहूं का स्वाद हल्का मीठा होता है. इसके दाने की क्वालिटी और स्वाद की वजह से इसे गोल्डन ग्रेन कहा जाता है. सीहोर जिले में सोने के इन दानों की खेती 40,390 हेक्टेयर में होती है. इसके अलावा सीहोर में सोयाबीन की खेती भी खूब होती है.

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फेमस है कचौड़ी कचुरी
सीहोर की लौंग और हींग की कचौड़ी का स्वाद भी लोगों को दूर-दूर से यहां खींच लाता है. जिले के इस ज़ायकेदार व्यंजन को यहां कचौड़ी कचुरी भी कहा जाता है. इसके स्वाद के शौकीन इसे इमली और हरे धनिये की चटनी के साथ खाना पसंद करते हैं.

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ये भी हैं मुख्य आकर्षण
पूरे सीहोर जिले की बात करें, तो यहां ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की कमी नहीं है. सीवन नदी के तट पर हनुमान गढ़ी, आष्टा में जैन मंदिर, सरूर मारू की गुफाएं, गिन्नौर गढ़ का किला, सलकनपुर में स्थित मां बिजासन देवी का मंदिर, इछावर का काकखेड़ा माता मंदिर, बगारह खंभा मंदिर जैसे बहुत से स्थल आकर्षण का केंद्र हैं.

सीहोर जिला, एक नज़र में

  • कुल जनसंख्या (प्राथमिक जनगणना सार 2011): 13,11,332
  • कुल जनसंख्या - पुरुष : 6,83,743
  • कुल जनसंख्या - महिला : 6,27,589
  • तहसील - 8
  • 4 विधानसभा सीटें - सीहोर, इछावर, बुधनी और आष्टा
  • 7 ग्राम पंचायत
  • 2 नगर पालिकाएं
  • 5 जनपद पंचायत
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