बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी है बिलासपुर, इस नाम के पीछे है एक रोचक कहानी

इसके साथ ही बिलासपुर अपने पर्यटन स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है. बिलासपुर को बहुत पहले साल 1861 में जिले का दर्जा मिल गया था जबकि 1867 में बिलासपुर नगर निगम बन गया था.

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बिलासपुर सुगंधित दूबराज चावल और हस्तकरघा कोसा साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ का उच्च न्यायालय बिलासपुर में होने के कारण इसे राज्य की न्याय राजधानी या न्यायधानी का दर्जा प्राप्त है. यह कला, साहित्य और संस्कृति की दृष्टि से काफी समृद्धशाली क्षेत्र है. इसके साथ ही बिलासपुर अपने पर्यटन स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है. बिलासपुर को बहुत पहले साल 1861 में जिले का दर्जा मिल गया था जबकि 1867 में बिलासपुर नगर निगम बन गया था.

महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादक जिला

बिलासपुर जिले का ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण स्थान है. शहर और आसपास के इलाके में स्थित विद्युत गृहों से दस हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है. कोयला उत्पादन में यह क्षेत्र अग्रणी है. भारत सरकार के कोयला मंत्रालय से मिनी रत्न का दर्जा प्राप्त और कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल का मुख्यालय बिलासपुर में है.

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अमरकंटक है प्रमुख पर्यटन केंद्र

नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक तकनीकी रूप से भले ही मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में आता है, लेकिन बिलासपुर से महज सवा सौ किलोमीटर दूर होने के कारण यहां से बड़ी संख्या में सैलानी अमरकंटक पहुंचते हैं. इसके अलावा यहां नैना देवी मंदिर, देवरानी जेठानी मंदिर, डिंडेश्वरी मंदिर मल्हार, कानन पेंडारी उद्यान, रतनपुर, रामजानकी मंदिर, खूंटाघाट प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र हैं.

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राजा की जान बचाने वाली महिला के नाम पर नामकरण

ऐतिहासिक रूप से बिलासपुर रतनपुर के कलचुरी राजवंश से जुड़ा है. 1854 में जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने बिलासपुर का अधिग्रहण किया तब यह मराठा साम्राज्य के अधीन था. पहले यह रतनपुर के जाना जाता था. रतनपुर के राजा कल्याण सिंह ने अपनी जान बचाने वाली मछुआरी महिला बिलासा के नाम पर शहर का नाम बिलासपुर कर दिया.

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गिरिजाबंध हनुमान मंदिर में अलग ही रूप में विराजते हैं पवनपुत्र

बिलासपुर से 25 किलोमीटर दूर रतनपुर में गिरिजाबंध हनुमान मंदिर में हजारों वर्ष पुरानी प्रतिमा स्थापित है. इस मंदिर का निर्माण पृथ्वी देवजू नामक राजा ने करवाया था. मान्यता है कि बजरंगबली ने राजा को सपने में आकर मंदिर बनाने के लिए कहा था. मंदिर काम समाप्त होने वाला था तो हनुमान जी फिर राजा के सपने आकर महामाया कुंड से मूर्ति निकाल कर मंदिर में स्थापित करने के लिए कहा. कुंड से निकली मूर्ति नारी स्वरूप में थी. वही प्रतिमा मंदिर में स्थापित कर दी गई.

बिलासपुर जिला एक नजर में

  • बिलासपुर जिले में सबसे ज्यादा धान की खेती होती है. इसके अलावा चना, मटर और मक्का प्रमुख फसलें हैं.
  • यहां सीमेंट, खाद और लघु व कुटीर श्रेणी में बीड़ी उद्योग की इकाइयां हैं.
  • बिलासपुर जिले में  एक नगर निगम बिलासपुर और चार नगर पंचायत  बोदरी, मल्हार, सकरी, सिरगिट्‌टी और एक नगर परिषद तखतपुर है.
  •  बिलासपुर जिले में  5 विधानसभा क्षेत्र तखतपुर, बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, मस्तूरी हैं.
  • बिलासपुर जिले की कुल जनसंख्या 1625502 है. यहां की साक्षरता दर
  • 74.46 हैं.