3 लाख रुपए के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर, जवानों की हत्या समेत कई वारदातों में था शामिल

आत्मसमर्पित नक्सली का नाम सन्नू मंडावी है जो कि वर्ष 2005 से बाल संगम सदस्य के रूप में नक्सल संगठन से जुड़ था. सन्नू पर 3 लाख रुपये का ईनाम घोषित था.

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छत्तीसगढ़ के कांकेर में एक इनामी माओवादी कमांडर ने बीएसएफ कैम्प में पुलिस व बीएसएफ के उच्चाधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया है. यह इनामी माओवादी मिलिट्री प्लाटून नंबर 5 के सेक्शन ए का डिप्टी कमांडर है. यह कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है. इस पर कुल 3 लाख रुपये का इनाम घोषित था. 

छत्तीसगढ़ सरकार पुर्नवास योजना के तहत भटके हुए माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है. इसी का नतीजा है कि भटके हुए लोग अब मुख्यधारा से जुड़ते जा रहे है. मंगलवार को भी कांकेर जिले के अंतागढ़ स्थित 135 बीएन बीएसएफ कैम्प में एक नक्सली ने आत्मसमपर्ण किया है. आत्मसमर्पित नक्सली का नाम सन्नू मंडावी है जो कि वर्ष 2005 से बाल संगम सदस्य के रूप में नक्सल संगठन से जुड़ था. सन्नू पर 3 लाख रुपये का ईनाम घोषित था. नक्सल संगठन में मिलिट्री प्लाटून नंबर 5 के सेक्शन ए का डिप्टी कमांडर था. लगातार नक्सलियों के शोषण, अत्याचार से तंग आकर उसने आत्मसमर्पण किया.

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आत्मसमर्पित नक्सली सन्नू माड़वी उर्फ शिवाजी का संक्षिप्त विवरण 

नक्सली सन्नू वर्ष 2005 में बाल संघम के रूप में भर्ती हुआ. वर्ष 2005-06 में 03 माह कंपनी नंबर -02 में रहा. वर्ष 2006 में पदोन्नत होकर उत्तर बस्तर डिवीजन के अंतर्गत सक्रिय परतापुर एरिया कमेटी के प्लाटून नंबर- 05 में सेक्शन डिप्टी कमांडर के रूप वर्ष 2016 तक कार्य किया. इस दौरान वह अपने साथ  इंसास/एसएलआर हथियार लेकर चलता था. वर्ष 2015 में संगठन के ही जीतो जुर्री के साथ विवाह करने पर इसे पद से डिमोट कर दिया गया. फिर वर्ष 2016 में पदावनत करते हुये, सन्नु माड़वी को गंगालूर एरिया कमेटी भेजा गया एवं मनकेली जनमिलिशिया कमांडर की जवाबदारी सौंपी गई.

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कई बड़ी वारदातों में रह चुका है शामिल

नक्सली सन्नू कई बड़ी वरदाताओमे शामिल रहा है जिसमें प्रमुख रूप से फरवरी 2006 में एनएमडीसी हिरोली दंतेवाड़ा में 08 CISF जवानों की हत्या कर 17 हथियारो की लूट. वर्ष 2007 विश्रामपुरी पुलिस थाना में हमला कर 01 एएसआई व 02 प्रधान आरक्षक की हत्या. जुलाई 2009 में हुए मदनवाड़ा हमले में भी यह शामिल रहा है. इस घटना में एसपी विनोद चौबे सहित 29 जवानों का हत्या में शे शामिल था. इस एम्बुश में 300 माओवादी सुधाकर और रामेदर के नेतृत्व में यह शामिल रहा है. अगस्त 2010 में दुर्गुकोंदल थाना के भुस्की गांव में बीएसएएफ के 05 जवानों की हत्या व लूट, अगस्त 2019 में गोरना गांव, जिला बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट सहित अन्य कई घटनाएं शामिल है.

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