Indore Drinking Water Tragedy: इंदौर में 'जहरीले पानी' से एक और मौत! 69 वर्षीय शख्स ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या हुई 17

इंदौर में दूषित पानी से फैल रहे उल्टी-दस्त के प्रकोप ने एक और जान ले ली है. 69 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने अब तक 17 मौतों का दावा किया है, जबकि प्रशासन केवल छह मौतों की पुष्टि कर रहा है. भागीरथपुरा क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं और स्वास्थ्य विभाग नियंत्रण का दावा कर रहा है.

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Indore Water Contamination News: इंदौर में दूषित पानी से फैल रहे उल्टी-दस्त के प्रकोप ने एक और जान ले ली है. 69 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा की मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा और चिंता बढ़ गई है. लोगों का दावा है कि अब तक इस बीमारी से 17 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि प्रशासन केवल छह मौतों की पुष्टि कर रहा है. इस घटना ने शहर में जहरीले पानी की समस्या और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

स्थानीय लोगों का दावा बनाम प्रशासन की रिपोर्ट

भागीरथपुरा इलाके में फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप को लेकर आंकड़ों में बड़ा अंतर है. स्थानीय लोग कहते हैं कि अब तक 17 मौतें हो चुकी हैं. प्रशासन ने केवल छह मौतों की पुष्टि की है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो जनवरी को बताया था कि उन्हें 10 मौतों की जानकारी मिली है.

ओमप्रकाश शर्मा की मौत

अभिषेक शर्मा ने बताया कि उनके रिश्तेदार ओमप्रकाश शर्मा (69) की मौत डायरिया के इलाज के दौरान हुई. ओमप्रकाश पुलिस आरक्षक पद से सेवानिवृत्त थे और धार जिले के रहने वाले थे. वे इंदौर अपने रिश्तेदार से मिलने आए थे. अभिषेक का दावा है कि ओमप्रकाश ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पिया था. 30 दिसंबर की रात उन्हें डायरिया के लक्षण दिखे और हालत बिगड़ने पर ICU में भर्ती कराया गया. जीवनरक्षक उपकरणों पर रखने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

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प्रशासन का पक्ष

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने कहा कि ओमप्रकाश पहले से ही बीमार थे. उन्हें उच्च रक्तचाप और किडनी की समस्या थी. सीएमएचओ का कहना है कि ओमप्रकाश उल्टी-दस्त के प्रकोप शुरू होने से पहले ही अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार को राज्य सरकार की ओर से मदद दी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभियान चलाने के बाद हालात अब नियंत्रण में हैं.

पार्वती कोंडला की गंभीर हालत

भागीरथपुरा की 67 वर्षीय पार्वती कोंडला की हालत बेहद नाजुक है. पहले अस्पताल में उन्हें गुलियन-बैरी सिंड्रोम (GBS) जैसे लक्षण बताए गए थे. दूसरे अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी हुआ है. डॉक्टरों के अनुसार, तमाम लक्षणों को देखते हुए उनका इलाज जारी है.

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प्रशासन का खंडन

मीडिया में आई खबरों के बावजूद प्रशासन ने साफ किया है कि भागीरथपुरा में GBS का कोई मामला सामने नहीं आया है. सीएमएचओ हासानी ने कहा कि किसी भी अस्पताल या डॉक्टर ने GBS के मरीज की सूचना नहीं दी है.

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जीबीएस क्या है?

गुलियन-बैरी सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है. इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपनी ही नसों पर हमला करती है. मरीज के शरीर के हिस्से अचानक सुन्न पड़ सकते हैं. मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है. निगलने और सांस लेने में भी कठिनाई हो सकती है.