National Herald Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर नेशनल हेराल्ड मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इसके तहत ईडी ने यंग इंडियन की 971.9 करोड़ की संपत्ति को अटैज किया है. बता दें, ईडी ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर इन संपत्तियों को जब्त किया है. ईडी ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उसमें दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे कई शहरों में फैली अचल संपत्तियां शामिल हैं.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ईडी ने इसी मामले में पिछले साल यानी साल 2022 में भी दिल्ली के हेराल्ड भवन में स्थित यंग इंडिया कंपनी का कार्यालय बंद किया था. उस वक्त भी ईडी ने दिल्ली, कोलकाता और मुंबई समेत 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
ईडी ने छापेमारी के बाद दी जानकारी
ईडी ने छापेमारी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि करोड़ों रुपए की संपत्ति को अस्थायी तौर पर कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है. पीएमएलए, 2002 के तहत मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में 751.9 करोड़ रुपए की जांच की गई. जांच से पता चला कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के पास भारत के कई शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में फैली अचल संपत्तियों के रूप में अपराध से प्राप्त रुपए की रकम है. इसमें 661.69 करोड़ और यंग इंडियन (YI) के पास अपराध से प्राप्त रुपए की आय है और एजेएल के इक्विटी शेयरों में निवेश के रूप में 90.21 करोड़ रुपए हैं.
आपको बता दें, नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी से पूछताछ भी की गई थी.
पुराना है नेशनल हेराल्ड का मामला
नेशनल हेराल्ड केस काफी पुराना मामला है जो साल 2012 में उजागर हुआ था. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले को उठाया था. जिसके बाद साल 2014 में ईडी ने इस मामले में केस दर्ज किया था. इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को आरोपी बनाया गया था.