Lundra Election Results 2023: लुंद्रा (छत्तीसगढ़) विधानसभा क्षेत्र को जानें

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में लुंद्रा विधानसभा क्षेत्र में कुल मिलाकर 176734 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. प्रीतम राम को 77773 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार विजयनाथ सिंह को 55594 वोट हासिल हो सके थे, और वह 22179 वोटों से हार गए थे.

विज्ञापन
Read Time: 11 mins
छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में 7 तथा 17 नवंबर को मतदान करवाया जाएगा, और मतगणना, यानी चुनाव परिणाम (Election Results) 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Assembly Elections 2023) राज्य में उत्तर क्षेत्र के सरगुजा जिले में लुंद्रा विधानसभा क्षेत्र है, जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 176734 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. प्रीतम राम को 77773 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार विजयनाथ सिंह को 55594 वोट हासिल हो सके थे, और वह 22179 वोटों से हार गए थे.

इसी तरह वर्ष 2013 में लुंद्रा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी चिंतामणि महाराज को जीत हासिल हुई थी, और उन्होंने 64771 वोट हासिल किए थे. इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार विजय बाबा को 54825 वोट मिल सके थे, और वह 9946 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे.

इससे पहले, लुंद्रा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रामदेव राम ने कुल 51558 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, और बीजेपी उम्मीदवार कमलभान सिंह दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 43384 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, और वह 8174 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव हार गए थे.

Advertisement

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव, यानी विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ में 68 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, और पार्टी ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया था. इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमन सिंह का 15 साल तक चला कार्यकाल खत्म हो गया था. BJP इस चुनाव में महज़ 15 सीटें ही अपनी झोली में डाल पाई थी. 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता में कैसे बदलाव हुआ था, इसे समझने के लिए 2013 के चुनाव परिणाम पर भी निगाह डालनी होगी. तब BJP को 49 सीटें मिलीं थीं और कांग्रेस को 41 सीटें, लेकिन दोनों के बीच वोट शेयर का अंतर महज़ 1 फीसदी से भी कम था. अब भूपेश सरकार के पास राज्य में पहली बार बनी कांग्रेस सरकार को रिपीट करने की चुनौती है, तो BJP एन्टी-इन्कम्बेन्सी के सहारे फिर सत्ता पाने की जुगत में लगी है.

Advertisement
Topics mentioned in this article