Jaijaipur Election Results 2023: जयजयपुर (छत्तीसगढ़) विधानसभा क्षेत्र को जानें

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में जयजयपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मिलाकर 228857 मतदाता थे, जिन्होंने बसपा के प्रत्याशी केशव प्रसाद चंद्रा को 64774 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार कैलाश साहू को 43087 वोट हासिल हो सके थे, और वह 21687 वोटों से हार गए थे.

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छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में 7 तथा 17 नवंबर को मतदान करवाया जाएगा, और मतगणना, यानी चुनाव परिणाम (Election Results) 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Assembly Elections 2023) राज्य में मध्य क्षेत्र के जांजगीर-चम्पा जिले में जयजयपुर विधानसभा क्षेत्र है, जो अनारक्षित है. पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 228857 मतदाता थे, जिन्होंने बसपा के प्रत्याशी केशव प्रसाद चंद्रा को 64774 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार कैलाश साहू को 43087 वोट हासिल हो सके थे, और वह 21687 वोटों से हार गए थे.

इसी तरह वर्ष 2013 में जयजयपुर विधानसभा क्षेत्र से बीएसपी प्रत्याशी केशव चंद्रा को जीत हासिल हुई थी, और उन्होंने 47188 वोट हासिल किए थे. इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार डॉ. कैलाश साहू को 44609 वोट मिल सके थे, और वह 2579 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे.

इससे पहले, जयजयपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी महंत रामसुंदर दास ने कुल 43346 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, और बीएसपी उम्मीदवार केशव प्रसाद चंद्रा दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 33907 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, और वह 9439 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव हार गए थे.

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गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव, यानी विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ में 68 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, और पार्टी ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया था. इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमन सिंह का 15 साल तक चला कार्यकाल खत्म हो गया था. BJP इस चुनाव में महज़ 15 सीटें ही अपनी झोली में डाल पाई थी. 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता में कैसे बदलाव हुआ था, इसे समझने के लिए 2013 के चुनाव परिणाम पर भी निगाह डालनी होगी. तब BJP को 49 सीटें मिलीं थीं और कांग्रेस को 41 सीटें, लेकिन दोनों के बीच वोट शेयर का अंतर महज़ 1 फीसदी से भी कम था. अब भूपेश सरकार के पास राज्य में पहली बार बनी कांग्रेस सरकार को रिपीट करने की चुनौती है, तो BJP एन्टी-इन्कम्बेन्सी के सहारे फिर सत्ता पाने की जुगत में लगी है.

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