Former Prime Minister Manmohan Singh passed away: देश के पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक सुधार के नायक डॉ. मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Manmohan Singh) का निधन हो गया है. उन्होंने गुरुवार की रात 92 साल की उम्र में दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांस ली. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को तबीयत बिगड़ने के बाद गुरुवार शाम दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था.
एम्स दिल्ली ने गुरुवार रात को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन हो गया है. उन्होंने बताया कि 92 वर्षीय सिंह को आज शाम "अचानक बेहोशी" के बाद गंभीर हालत में आपातकालीन विभाग में लाया गया था.
पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह शांत और अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. यही कारण है कि उनकी पार्टी के राजनीतिक विरोधी भी उनका सम्मान करते हैं. सिंह राजीव गांधी की सरकार में साल 1985 से 1987 तक भारतीय योजना आयोग के प्रमुख के पद पर भी रहे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के साथ भी काम किया. इसके साथ ही वह 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर भी रहे. इस दौरान उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधार किए. जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है.
मनमोहन सिंह का जीवन परिचय
भारतीय आर्थिक सुधारों के निर्माता कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नौकरशाही और राजनीति में पांच दशक के करियर का इतिहास इस प्रकार है:
- 1954: पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की
- 1957: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से आर्थिक ट्रिपोस (3 वर्षीय डिग्री कार्यक्रम)
- 1962: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डी.फिल.
- 1971: वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में भारत सरकार में शामिल हुए
- 1972: वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त हुए
- 1980-82: योजना आयोग के सदस्य
- 1982-1985: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
- 1985-87: योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया
- 1987-90: जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव
- 1990: आर्थिक मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार नियुक्त हुए
- मार्च 1991: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष नियुक्त हुए
- 1991: असम से राज्यसभा के लिए चुने गए, और 1995, 2001, 2007 और 2013 में फिर से चुने गए
- 1991-96: पी वी नरसिम्हा राव के अधीन वित्त मंत्री नरसिम्हा राव सरकार
- 1998-2004: राज्यसभा में विपक्ष के नेता
- 2004-2014: भारत के प्रधानमंत्री
आर्थिक सुधारों के लिए किए जाते हैं याद
डॉ. मनमोहन सिंह ने भारत में हुए आर्थिक सुधारों में अहम भूमिका निभाई थी. वह साल 1991 में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री भी रहे. उन्होंने बजट के दौरान उदारीकरण, निजीकरण और वैश्विकरण से जुड़ी कई घोषणाएं की थी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली. मनमोहन सिंह को वर्ष 1987 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उन्हें साल 1995 में जवाहरलाल नेहरू बर्थ सेंटेनरी अवॉर्ड ऑफ द इंडियन साइंस कांग्रेस, 1993 में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री के लिए एशिया मनी अवॉर्ड, 1956 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का एडम स्मिथ पुरस्कार जैसे कई सम्मान से नवाजा गया. वहीं उन्हें कैम्ब्रिज और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी समेत कई विश्वविद्यालयों की ओर से मानद उपाधियां भी दी गईं.