Dharamjaigarh Election Results 2023: धर्मजयगढ़ (छत्तीसगढ़) विधानसभा क्षेत्र को जानें

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में धर्मजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल मिलाकर 197259 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी लालजीत सिंह राठिया को 95173 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार लीनव बिरजू राठिया को 54838 वोट हासिल हो सके थे, और वह 40335 वोटों से हार गए थे.

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छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में 7 तथा 17 नवंबर को मतदान करवाया जाएगा, और मतगणना, यानी चुनाव परिणाम (Election Results) 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Assembly Elections 2023) राज्य में उत्तर क्षेत्र के रायगढ़ जिले में धर्मजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र है, जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 197259 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी लालजीत सिंह राठिया को 95173 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार लीनव बिरजू राठिया को 54838 वोट हासिल हो सके थे, और वह 40335 वोटों से हार गए थे.

इसी तरह वर्ष 2013 में धर्मजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी लालजीत सिंह राठिया को जीत हासिल हुई थी, और उन्होंने 79276 वोट हासिल किए थे. इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ओम प्रकाश राठिया को 59288 वोट मिल सके थे, और वह 19988 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे.

इससे पहले, धर्मजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी पार्टी के प्रत्याशी ओम प्रकाश राठिया ने कुल 52435 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, और कांग्रेस उम्मीदवार चनेश राम राठिया दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 49068 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, और वह 3367 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव हार गए थे.

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गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव, यानी विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ में 68 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, और पार्टी ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया था. इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमन सिंह का 15 साल तक चला कार्यकाल खत्म हो गया था. BJP इस चुनाव में महज़ 15 सीटें ही अपनी झोली में डाल पाई थी. 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता में कैसे बदलाव हुआ था, इसे समझने के लिए 2013 के चुनाव परिणाम पर भी निगाह डालनी होगी. तब BJP को 49 सीटें मिलीं थीं और कांग्रेस को 41 सीटें, लेकिन दोनों के बीच वोट शेयर का अंतर महज़ 1 फीसदी से भी कम था. अब भूपेश सरकार के पास राज्य में पहली बार बनी कांग्रेस सरकार को रिपीट करने की चुनौती है, तो BJP एन्टी-इन्कम्बेन्सी के सहारे फिर सत्ता पाने की जुगत में लगी है.

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