Bilaigarh Election Results 2023: बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़) विधानसभा क्षेत्र को जानें

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल मिलाकर 277233 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी चंद्रदेव प्रसाद राय को 71936 वोट देकर जिताया था. उधर, बसपा उम्मीदवार श्याम कुमार टंडन को 62089 वोट हासिल हो सके थे, और वह 9847 वोटों से हार गए थे.

विज्ञापन
Read Time: 11 mins
छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में 7 तथा 17 नवंबर को मतदान करवाया जाएगा, और मतगणना, यानी चुनाव परिणाम (Election Results) 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Assembly Elections 2023) राज्य में मध्य क्षेत्र के बलोदा बाजार जिले में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र है, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 277233 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी चंद्रदेव प्रसाद राय को 71936 वोट देकर जिताया था. उधर, बसपा उम्मीदवार श्याम कुमार टंडन को 62089 वोट हासिल हो सके थे, और वह 9847 वोटों से हार गए थे.

इसी तरह वर्ष 2013 में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी डॉ. सनम जांगड़े को जीत हासिल हुई थी, और उन्होंने 71364 वोट हासिल किए थे. इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. शिवकुमार डहरिया को 58669 वोट मिल सके थे, और वह 12695 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे.

इससे पहले, बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कुल 55863 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, और बीजेपी उम्मीदवार डॉ. सनम जांगड़े दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 42241 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, और वह 13622 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव हार गए थे.

Advertisement

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव, यानी विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ में 68 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, और पार्टी ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया था. इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमन सिंह का 15 साल तक चला कार्यकाल खत्म हो गया था. BJP इस चुनाव में महज़ 15 सीटें ही अपनी झोली में डाल पाई थी. 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता में कैसे बदलाव हुआ था, इसे समझने के लिए 2013 के चुनाव परिणाम पर भी निगाह डालनी होगी. तब BJP को 49 सीटें मिलीं थीं और कांग्रेस को 41 सीटें, लेकिन दोनों के बीच वोट शेयर का अंतर महज़ 1 फीसदी से भी कम था. अब भूपेश सरकार के पास राज्य में पहली बार बनी कांग्रेस सरकार को रिपीट करने की चुनौती है, तो BJP एन्टी-इन्कम्बेन्सी के सहारे फिर सत्ता पाने की जुगत में लगी है.

Advertisement
Topics mentioned in this article