Bhatgaon Election Results 2023: भटगांव (छत्तीसगढ़) विधानसभा क्षेत्र को जानें

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में कुल मिलाकर 219508 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी पारस नाथ राजवाडे को 74623 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार रजनी रविशंकर त्रिपाठी को 58889 वोट हासिल हो सके थे, और वह 15734 वोटों से हार गए थे.

विज्ञापन
Read Time: 11 mins
छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में 7 तथा 17 नवंबर को मतदान करवाया जाएगा, और मतगणना, यानी चुनाव परिणाम (Election Results) 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Assembly Elections 2023) राज्य में उत्तर क्षेत्र के सूरजपुर जिले में भटगांव विधानसभा क्षेत्र है, जो अनारक्षित है. पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 219508 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी पारस नाथ राजवाडे को 74623 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार रजनी रविशंकर त्रिपाठी को 58889 वोट हासिल हो सके थे, और वह 15734 वोटों से हार गए थे.

इसी तरह वर्ष 2013 में भटगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी पारस नाथ राजवाडे को जीत हासिल हुई थी, और उन्होंने 67339 वोट हासिल किए थे. इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार रजनी रविशंकर त्रिपाठी को 59971 वोट मिल सके थे, और वह 7368 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे.

इससे पहले, भटगांव विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी पार्टी के प्रत्याशी रविशंकर त्रिपाठी ने कुल 35943 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, और कांग्रेस उम्मीदवार श्याम लाल जायसवाल दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 18510 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, और वह 17433 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव हार गए थे.

Advertisement

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव, यानी विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ में 68 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, और पार्टी ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया था. इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमन सिंह का 15 साल तक चला कार्यकाल खत्म हो गया था. BJP इस चुनाव में महज़ 15 सीटें ही अपनी झोली में डाल पाई थी. 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता में कैसे बदलाव हुआ था, इसे समझने के लिए 2013 के चुनाव परिणाम पर भी निगाह डालनी होगी. तब BJP को 49 सीटें मिलीं थीं और कांग्रेस को 41 सीटें, लेकिन दोनों के बीच वोट शेयर का अंतर महज़ 1 फीसदी से भी कम था. अब भूपेश सरकार के पास राज्य में पहली बार बनी कांग्रेस सरकार को रिपीट करने की चुनौती है, तो BJP एन्टी-इन्कम्बेन्सी के सहारे फिर सत्ता पाने की जुगत में लगी है.

Advertisement
Topics mentioned in this article