Ramayana: नीतेश तिवारी (Nitesh Tiwari) के निर्देशन में बन रही रामायणम् (Ramayana) भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है. नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज 8 बार के ऑस्कर विजेता DNEG और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को दो हिस्सों वाले एक भव्य ग्लोबल तमाशे के रूप में तैयार किया जा रहा है. जिसका मकसद दुनिया के सबसे महान महाकाव्यों में से एक को अभूतपूर्व पैमाने पर पर्दे पर लाना है.
रणबीर कपूर को राम के रूप में पेश किया
फिल्म की पहली झलक, जिसमें रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) को राम के रूप में पेश किया गया था, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और 'रामायणम्' की उस दुनिया की एक झलक दिखाई जिसे दर्शक देखने वाले हैं. हालांकि, टीजर में एक ऐसा पल था जहां पूरा फ्रेम अंधेरा हो जाता है और काफी इमोशनल महसूस होता है. क्या आप जानते हैं कि यह सीन शायद 'रामायणम्' का सबसे दिल दहला देने वाला पल है? यह सीन उस समय का है जब राम, सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे और पूरी अयोध्या जैसे भावनाओं में डूब गई थी. हर घर के लोग सड़कों पर उतर आए थे. वो शहर, जो कभी जश्न मनाने के लिए तैयार था, अचानक खामोश हो गया क्योंकि खुशियां धीरे-धीरे दुख में बदल गईं. भगवान राम नहीं चाहते थे कि उनके जाने से किसी को परेशानी हो, इसलिए उन्होंने देर रात या सुबह-तड़के निकलने का फैसला किया ताकि आम लोगों की जिंदगी में खलल न पड़े.
अपने घर से बाहर
लेकिन इसके बावजूद, पूरा शहर जाग रहा था. हर एक व्यक्ति अपने घर से बाहर निकल आया और सड़कों पर इकट्ठा हो गया, सिर्फ अपने प्यारे राजा की एक आखिरी झलक पाने के लिए. कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता था. रात की खामोशी अनकहे जज्बातों, दर्द और भक्ति से भरी हुई थी. यह पल दिखाता है कि लोग उनसे कितना प्यार करते थे. अपने राजा को जाते हुए देखना उनके लिए एक बहुत ही दर्दनाक लेकिन महत्वपूर्ण पल बन गया था, जिसने अयोध्या के हर एक इंसान को भावुक कर दिया था. दुनिया की सबसे महान कहानियों में से एक 'रामायणम्' की इस गाथा को समेटते हुए, नीतेश तिवारी की 'रामायणम्' का लक्ष्य महाकाव्य की इन भावनाओं को एक अनोखे पैमाने पर पेश करना है.
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