Dhurandhar 2: आज के दौर में, जहां सिनेमा तेजी से कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी (CGI) पर निर्भर होता जा रहा है, वहीं कई फिल्ममेकर अब ऑन-स्क्रीन रियलिज्म को बढ़ाने के लिए प्रैक्टिकल इफेक्ट्स की ओर लौट रहे हैं. हाल ही में धुरंधर के स्पेशल इफेक्ट्स को जो सराहना मिली है, वह इसी बदलाव का प्रमाण है. जहां हर धमाका सिर्फ दिखाई नहीं देता, बल्कि महसूस भी होता है.
इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स
इन हाई-इम्पैक्ट सीक्वेंसेज के पीछे हैं विशाल त्यागी, जो बॉलीवुड के प्रमुख स्पेशल FX एक्सपर्ट्स में से एक हैं. वह बड़े पैमाने पर, बारीकी से प्लान किए गए प्रैक्टिकल इफेक्ट्स को अंजाम देने के लिए जाने जाते हैं, जो सिनेमाई पलों को जीवंत बना देते हैं. विशाल त्यागी कहते हैं कि Tyagi Guns and SFX की स्थापना 1983 में एक विजन के साथ की गई थी. स्क्रीन पर एक्शन को असली बनाना. सालों में हमें कई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिला. अब 'धुरंधर' शामिल हैं. हमारी विशेषज्ञता रियल, कंट्रोल्ड इफेक्ट्स को एक्सीक्यूट करने में है. चाहे वो फायरआर्म्स हों या बड़े स्तर के एक्सप्लोज्न्स. हम ऐसा एक्शन बनाना चाहते हैं जो टैंजिबल और इमर्सिव हो, इसलिए हम जो भी करते हैं, उसमें CGI का इस्तेमाल नहीं होता. हमारे लिए रियलिज्म एक विकल्प नहीं, बल्कि एक स्टैंडर्ड है. कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रह चुके विशाल त्यागी ने हमेशा ऑन-ग्राउंड एक्शन डिजाइन की सीमाओं को आगे बढ़ाया है. उनकी खासियत है सेफ्टी, प्रिसीजन और स्पेक्टेकल का बेहतरीन संतुलन, जिससे हर सीन न सिर्फ बड़ा बल्कि असली लगता है. जो सिर्फ डिजिटल इफेक्ट्स से संभव नहीं.
स्पेशल इफेक्ट्स
हाल ही में 'धुरंधर' में उनके शानदार काम के लिए विशाल त्यागी को एक प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह में बेस्ट स्पेशल इफेक्ट्स का पुरस्कार भी मिला है. जैसे-जैसे फिल्ममेकर अपनी कहानियों में असलियत की तलाश कर रहे हैं, वैसे-वैसे विशाल त्यागी जैसे स्पेशल FX आर्टिस्ट एक्शन सिनेमा को नए तरीके से परिभाषित कर रहे हैं. यह साबित करते हुए कि कभी-कभी सबसे प्रभावशाली विजुअल इफेक्ट्स वही होते हैं, जो रियल टाइम में होते हैं.
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