Harsha Richhariya Exclusive: महाकुंभ से बॉलीवुड तक, साधना, विवाद और ग्लैमर पर बेबाक बयान

Harsha Richhariya With NDTV: उन्होंने आगे बताया कि कुछ विरोधों और परिस्थितियों की वजह से उन्होंने केवल विराम लेने की बात कही थी. महाकुंभ के बाद अचानक मिली  लोकप्रियता चर्चाओं पर पूछा गया कि उन्हें सनातन धर्म से जुड़कर क्या मिला तो हर्षा ने कहा कि जब मैं इस रास्ते पर चली, तब मैंने तय किया था कि मुझे कुछ मिले या न मिले, लेकिन मुझे मानसिक शांति जरूर मिलेगी.

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Harsha Richhariya With NDTV: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्टिविस्ट हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya) ने भोपाल में NDTV को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपनी हालिया विवादों, सनातन धर्म से जुड़ाव, फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर लगने वाले आरोपों पर खुलकर बात की. यह इंटरव्यू उस वक्त सामने आया है, जब बीते एक साल में हर्षा का नाम लगातार चर्चाओं में रहा है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने साध्वी बनने का प्रण लिया था और अब त्यागने का फैसला किया है, तो हर्षा ने साफ शब्दों में कहा कि मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैंने साध्वी बनने का प्रण लिया है. मैंने सिर्फ यह कहा था कि मैं सनातन का प्रचार-प्रसार करूंगी और सनातन के रास्ते पर चलकर युवाओं को जोड़ने की कोशिश करूंगी.

मानसिक शांति

उन्होंने आगे बताया कि कुछ विरोधों और परिस्थितियों की वजह से उन्होंने केवल विराम लेने की बात कही थी. महाकुंभ के बाद अचानक मिली  लोकप्रियता चर्चाओं पर पूछा गया कि उन्हें सनातन धर्म से जुड़कर क्या मिला तो हर्षा ने कहा कि जब मैं इस रास्ते पर चली, तब मैंने तय किया था कि मुझे कुछ मिले या न मिले, लेकिन मुझे मानसिक शांति जरूर मिलेगी. हर्षा ने बीते एक साल को अपने जीवन का सबसे कठिन दौर बताया और कहा कि जो परेशानियां एक आम इंसान 30–40 साल में देखता है, वो मैंने एक ही साल में देख लीं. मेरा जीवन रोलर-कोस्टर बन गया, लेकिन जो अनुभव मिला, वह नॉर्मल लाइफ में कभी नहीं मिलता. उन पर ‘ड्रामा' करने के आरोपों पर हर्षा का जवाब भी बेबाक रहा उन्होंने कहा कि जब मैं महाकुंभ में शाही रथ पर बैठी थी, तब भी लोग कहते थे ड्रामा है. पदयात्रा के दौरान मेरे पैरों में छाले पड़े, तब भी ड्रामा. शक्ति सृजन शुरू किया, तब भी ड्रामा और जब ब्रेक लेने की बात की, तब भी ड्रामा. विरोध करने वाले हर हाल में बुरा ही कहेंगे, क्योंकि कुछ तो लोग कहेंगे.

बॉलीवुड में जाने के लिए

बॉलीवुड में एंट्री और मोनालिसा से इंस्पिरेशन के सवाल पर हर्षा ने कहा कि मुझे बॉलीवुड में जाने के लिए किसी से इंस्पायर्ड होने की जरूरत नहीं है. मोनालिसा मेरी छोटी बहन की तरह है, उसे आगे बढ़ते देखकर खुशी होती है. मैं ग्लैमर से आई थी और ग्लैमर में ही जा रही हूं.जब-जब उनसे पूछा गया कि आप किस डायरेक्टर के साथ काम करना चाहेगी? तो प्राथमिकताओं पर उन्होंने कहा कि वह स्पिरिचुअल और हिस्टोरिकल विषयों पर काम करना पसंद करेंगी. जब उनसे पूछा गया कि आप किसको अपना कंपीटीटर मानती है तो उन्होंने कहा कि वह किसी अभिनेता को प्रतियोगी पर उन्होंने कहा मैं कोई भी फिल्म में किसी को भी अपना कंपीटीटर नहीं मानती हूं. मुझे लगता है कि हर व्यक्ति अपने आप में एक अलग टैलेंट रखता है अलग एक्सपीरियंस रखता है.

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