छत्तीसगढ़: कटहल बना ग्रामीणों का मुसीबत, गांव में घुस रहे हाथी; घर और फसल बचाने की जद्दोजहद में ग्रामीण

कटहल का सीजन है, पर अब लोग पकने का इंतजार नहीं कर रहे. ग्रामीण पेड़ों से कटहल तोड़कर जंगल में फेंक रहे हैं या जमीन में दफना रहे हैं. इसकी वजह यह है कि हाथी गंध सूंघकर घरों की ओर बढ़ रहे हैं.

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पेड़ से कटहल काटकर जमीन में दबा रहे हैं ग्रामीण.
NDTV

छत्तीसगढ़ में जशपुर और रायगढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में इन दिनों हाथियों की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. जंगल से निकलकर हाथियों के गांवों तक पहुंचने और फसलों को नुकसान पहुंचाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. अब हाथियों के कटहल की गंध से आकर्षित होकर गांवों की ओर पहुंचने की बात भी सामने आ रही है. ऐसे में ग्रामीण हाथियों से अपने घर और फसलों को बचाने के लिए कटहल को तोड़कर जंगल में फेंकने एवं जमीन में दफनाने को मजबूर हो रहे हैं. बता दें कि पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में 12 एवं धरमजयगढ़ वन मंडल में अलग-अलग दलों में करीब 107 हाथी विचरण कर रहे हैं.

धरमजयगढ़ वन मंडल और पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के हाथी प्रभावित गांवों में इन दिनों ग्रामीणों की जिंदगी दहशत के साए में गुजर रही है. हाथियों के झुंड कभी खेतों में पहुंचकर फसलों को रौंद रहे हैं तो कभी गांवों में घुसकर मकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. हाथियों के लगातार गांवों की ओर बढ़ते कदमों से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है. वर्तमान में धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 107 हाथी विचरण कर रहे हैं, जबकि पत्थलगांव में 12  हाथियों का एक बड़ा दल भी शामिल है.

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कई गांव के लोगों को रहना पड़ता है सतर्क

हाथियों की मौजूदगी के कारण खाड़ामाचा तालगांव, अलोला, लिप्ती, पखनाकोट सहित आसपास के कई गांवों में ग्रामीणों को हर समय सतर्क रहना पड़ रहा है. ग्रामीणों के मुताबिक, हाथी भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर गांवों और खेतों तक पहुंच रहे हैं. कटहल पकने के मौसम में इसकी तेज गंध हाथियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. यही वजह है कि अब ग्रामीण पेड़ों पर लगे कटहल को हाथियों से बचाने के लिए उसे तोड़कर जंगल में फेंक रहे हैं, ताकि उसकी गंध से हाथी गांव की ओर न आएं.

पहले से कटहल तोड़कर खिलाने का तरीका अपना रहे

पहले जिस कटहल के पकने का इंतजार किया जाता था, अब वही कटहल हाथियों के डर की वजह बन गया है. हाथियों के गांव में पहुंचने से जान-माल के साथ-साथ फसलों और मकानों को भी नुकसान का खतरा बना रहता है. ऐसे में ग्रामीणों ने हाथियों से दूरी बनाए रखने के लिए कटहल को जमीन में तोड़कर हाथी को खिलाने का तरीका अपनाया है. वहीं, वन विभाग की ओर से भी ग्रामीणों को हाथियों से सतर्क रहने और हाथियों को किसी भी तरह से परेशान न करने की अपील की जा रही है.

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कटहल और धान जैसी फसलें हाथियों को आकर्षित कर सकती हैं. ऐसे में ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. वहीं वन विभाग का कहना है कि कटहल और धान हाथियों को आकर्षित कर सकते हैं. इसलिए ग्रामीण कटहल को खुले में फेंकने के बजाय जमीन में दफना दें या पानी में बहा दें, ताकि हाथियों का गांव की ओर आने का खतरा कम हो सके.

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