UPSC IFS 2025: नौकरी छाेड़ भिलाई की सुष्मिता सिंह ने हासिल की AIR‑32, छठे प्रयास में बनीं वन सेवा अधिकारी

UPSC IFS 2025 में भिलाई की सुष्मिता सिंह ने ऑल इंडिया 32वीं रैंक हासिल की. उनकी यह सफलता आसान नहीं थी. सुष्मिता ने अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होने के लिए अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से तैयारी में जुट गईं. पढ़िए इनकी सफलता की कहानी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
UPSC IFS 2025: भिलाई की सुष्मिता सिंह ने हासिल की AIR‑32, छठे प्रयास में बनीं वन सेवा अधिकारी

UPSC IFS 2025 Sushmita Singh AIR 32 Success Story: छत्तीसगढ़ की बेटी सुष्मिता सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2025 में शानदार सफलता हासिल कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है. यूपीएससी द्वारा जारी अंतिम परिणाम में सुष्मिता ने ऑल इंडिया 32वीं रैंक प्राप्त मछ्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया. उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ भिलाई बल्कि पूरे दुर्ग जिले और प्रदेश में खुशी की लहर है. तकनीकी शिक्षा के बाद सुरक्षित नौकरी छोड़कर सिविल सेवा का कठिन रास्ता चुनने वाली सुष्मिता की यह सफलता संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है. छठे प्रयास में मिली सफलता ने यह साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती.

भिलाई से दिल्ली तक का प्रेरणादायक सफर

भिलाई निवासी सुष्मिता सिंह ने इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर के सुरक्षित विकल्प चुने, लेकिन उनके मन में हमेशा समाज और प्रकृति के लिए कुछ बड़ा करने का जुनून रहा. उनके पिता के अनुभव और विचारों ने उन्हें सिविल सेवा की ओर प्रेरित किया.

Advertisement

UPSC IFS 2025 Sushmita Singh AIR 32 Success Story: भिलाई की सुष्मिता सिंह परिवार के साथ

नौकरी छोड़ी, लक्ष्य पर किया पूरा फोकस

सुष्मिता ने UPSC की तैयारी के लिए अपनी जमी‑जमाई नौकरी छोड़ने का साहसिक फैसला लिया. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और पूरी मेहनत के साथ तैयारी में जुट गईं.

असफलताओं से मिली सीख

UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सुष्मिता को कई बार असफलता का सामना करना पड़ा. नकारात्मक परिणामों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. हर असफल प्रयास को सीख मानकर उन्होंने अपनी रणनीति को बेहतर बनाया और मानसिक मजबूती बनाए रखी.

छठे प्रयास में मिला बड़ा मुकाम

लगातार संघर्ष और अनुशासन का ही नतीजा रहा कि सुष्मिता अपने छठवें प्रयास में भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित हुईं. ऑल इंडिया 32वीं रैंक हासिल कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि धैर्य और निरंतर परिश्रम सफलता की सबसे मजबूत सीढ़ी है.

परिवार और प्रदेश में खुशी का माहौल

सुष्मिता की सफलता से उनके परिवार, मित्रों और गुरुजनों में खुशी का माहौल है. वहीं छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वे एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं.

Advertisement

युवाओं के लिए संदेश

अपनी सफलता पर सुष्मिता सिंह का कहना है कि सपनों को साकार करने के लिए धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास जरूरी हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि असफलताओं से घबराएं नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाएं. सुष्मिता की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय भी है.

यह भी पढ़ें : Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त 13 मई को; गोटेगांव से CM मोहन ट्रांसफर करेंगे ₹1500-1500

Advertisement

यह भी पढ़ें : 'यह प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के अधिकारों पर डकैती'; NEET UG 2026 रद्द होने के बाद कमलनाथ का बड़ा बयान

यह भी पढ़ें : IIIT हॉस्टल में बड़ी चोरी; रायपुर में परीक्षा के दौरान 15 से ज्यादा छात्रों के लैपटॉप गायब, CCTV में ये दिखा

यह भी पढ़ें : हनीमून मर्डर केस: सोनम को 'बेल' या 'जेल'; आज मेघालय हाईकोर्ट में राजा रघुवंशी हत्याकांड पर अहम सुनवाई