छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सावारावा में शिक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. गुरुवार को स्कूल निर्धारित समय के बाद भी घंटों तक बंद रहा. पढ़ाई करने पहुंचे छात्र स्कूल परिसर के बाहर बैठकर खुद ही किताबें खोलकर पढ़ाई करते नजर आए.
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं.
स्कूल में पदस्थ हैं पांच शिक्षक, लेकिन कोई नहीं पहुंचा
जानकारी के मुताबिक इस विद्यालय में कुल पांच शिक्षकों की पदस्थापना है. इसके बावजूद घटना वाले दिन सुबह से ही स्कूल में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था और मुख्य द्वार पर ताला लगा रहा.
पढ़ाई करने पहुंचे बच्चे काफी देर तक बाहर इंतजार करते रहे. बाद में वे स्कूल परिसर के बाहर बैठकर खुद ही पढ़ाई करने लगे. इसी दौरान किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया.
जनपद सदस्य ने की शिकायत
घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र की जनपद सदस्य नेहा सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है.
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में इस तरह की लापरवाही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
जांच के बाद शिक्षकों को नोटिस जारी
मामले के सामने आने के बाद भैयाथान के विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने जांच की और इसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को भेजी.
जांच में पुष्टि हुई कि 5 मार्च को सुबह करीब 11 बजे तक स्कूल बंद था और परिसर में कोई भी शिक्षक या कर्मचारी मौजूद नहीं था. इसे शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
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6 शिक्षकों से मांगा गया जवाब
जारी नोटिस में प्रधान पाठक सहित कुल छह शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्हें 6 मार्च को शाम 4:30 बजे तक स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं.
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या तय समय में प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है. उनका कहना है कि यदि शिक्षक ही अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं होंगे तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना तय है. फिलहाल अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.