Jawahar Navodaya Vidyalaya Durg: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग जिले के बोरई गांव में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में शिक्षकों पर विद्यार्थियों के साथ बर्बरता करने का गंभीर आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि स्कूल में मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है. इसके बावजूद कुछ बच्चे मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे. इसकी जानकारी मिलते ही स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों से मोबाइल फोन मंगवाए और उन्हें प्रिंसिपल के ऑफिस में जमा करने को कहा. फोन जमा करने के बाद बच्चों को वाइस प्रिंसिपल के कार्यालय में बुलाया गया.
आरोप है कि वहां दरवाजा बंद करके लगभग तीन घंटे तक बच्चों को लात-घूंसे, डंडों और मुक्कों से जमकर पिटाई की गई, जिसके कारण कई बच्चों के अंदरूनी हिस्सों में चोटें आई हैं और सूजन हो गई है. यह पूरी घटना 21 फरवरी की बताई जा रही है. 22 फरवरी को बच्चों ने किसी से मोबाइल फोन मांग कर किसी तरह अपने पिता को इसकी जानकारी दी. 23 फरवरी को एक बच्चे के पिता स्कूल जाकर इस मामले की पूछताछ करने पहुंचे, तब जाकर यह पूरा मामला सामने आया. 24 फरवरी को पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज करने के बाद दोनों आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
छात्र ने बताई आपबीती
एक छात्र ने बताया कि मारते-मारते गालियां भी दे रहे थे. उसने बताया कि पीयूष सर, मंडलोई सर और गौतम सर ने मारा. बाद में हमें नागपुर के अस्पताल ले जाया गया था, वहां भी झूठ बुलवाया गया कि स्कूल का नाम खराब होगा, इसलिए कहना कि खेलते-खेलते चोट लगी है. वहीं, कक्षा ग्यारहवीं के आदित्य ने बताया कि शिक्षकों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कमरे में बंद करके मारा है. मंजीत देशलहरा, कक्षा 11वीं ने कहा कि शनिवार को हम लोगों का फोन पकड़ा गया था. मंडलोई सर, गौतम सर और पीयूष सर ने कहा कि फोन लाओ. हम लोग फोन लेकर गए. फिर उन्होंने दरवाजा बंद किया और मारा. कुल 8 लोगों को मारा है. मेरे प्राइवेट पार्ट को लात से मारा, लकड़ी और हाथ से भी जमकर मारा. कुशल वर्मा ने बताया कि सभी ने मिलकर जमीन पर लिटाकर मारा, डांटा और जूते निकालकर भी मारे हैं.
प्रिंसिपल ने खुद को बताया अनजान
बच्चे से जानकारी मिलते ही अभिभावक दूसरे दिन यानी 23 फरवरी को स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल शंकर प्रसाद से पूछताछ की. प्रिंसिपल ने कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है. इसके बाद पिता ने अपने बेटे से पूछा तो बेटे ने बताया कि “मोबाइल फोन ले कर प्रिंसिपल ऑफिस में जमा करवाया गया था. उसके बाद वाइस प्रिंसिपल के कार्यालय में बुलाकर मंडलोई सर ने जूता पहने हुए पैर से प्राइवेट पार्ट में मारा, जिससे प्राइवेट पार्ट में सूजन और जांघ में चोट लगी है. मेरे साथ-साथ 11वीं के 5 छात्र तथा 12वीं के 3 छात्रों को भी बिना अनुमति मोबाइल फोन रखने की बात पर पीयूष सर और मंडलोई सर ने लात-घूंसे, लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की है और उन्हें भी चोटें आई हैं.
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24 फरवरी को मंजीत देशलहरा के पिता डोमन देशलहरा ने FIR दर्ज करवाई. FIR में शिक्षक पीयूष कुमार और रविशंकर मंडलोई के नाम दर्ज हुए. उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को रात करीब 10 बजे मेरे बेटे ने किसी के मोबाइल फोन से कॉल करके बताया कि 21 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से लेकर 1:30 बजे तक शिक्षकों ने मोबाइल फोन अपने पास रखने की बात पर वाइस प्रिंसिपल के कमरे में बुलाकर लात-घूंसे, जूते और डंडों से जमकर मारपीट की, जिसके कारण मेरे बेटे के प्राइवेट पार्ट में सूजन हो गई है और दर्द हो रहा है.
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