न कोई सुविधा, न व्यवस्था... कड़कड़ाती ठंड में कलेक्ट्रेट पहुंचे एकलव्य आवासीय विद्यालय के बच्चे

लचर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण इन आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्रों को सुविधा के नाम पर कुछ मिलना तो दूर की बात है, उल्टा स्कूलों में उनके साथ आए दिन दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं.

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कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र-छात्राएं

Ambikapur News: आदिवासी समुदाय के छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधा के साथ अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से एकलव्य आवासीय विद्यालय (Eklavya Residential School) की स्थापना की गई है. इसके साथ केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इन आवासीय विद्यालयों के लिए भारी भरकम बजट का भी इंतजाम किया गया है. लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है.

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कड़कड़ाती ठंड में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे

लचर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण इन आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्रों को सुविधा के नाम पर कुछ मिलना तो दूर की बात है, उल्टा स्कूलों में उनके साथ आए दिन दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं. यही वजह रही कि शनिवार सुबह-सुबह कड़कड़ाती ठंड में अम्बिकापुर से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम धंधरी में स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के 100 से ज्यादा छात्र-छात्राएं अम्बिकापुर के कलेक्टर ऑफिस पहुंच गए. 

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कलेक्टर ने सुनीं छात्र-छात्राओं की समस्याएं

शनिवार को छुट्टी के दिन इन आदिवासी छात्र-छात्राओं के कलेक्ट्रेट पहुंचने की जानकारी जैसे ही कलेक्टर को हुई कलेक्टर विलास भोस्कर संदीपन तत्काल कलेक्ट्रेट पहुंचे और छात्र-छात्राओं को सभा कक्ष में सम्मान के साथ बैठाया और उनकी समस्याओं को सुना. कलेक्टर ने अधीनस्थ अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया है. इसके बाद स्कूली बसों की व्यवस्था करवा कर छात्र- छात्राओं को उनके आवासीय विद्यालय भेज दिया गया.

इस दौरान यह भी प्रयास किया गया कि छात्र-छात्राएं मीडिया से भी बात ना कर सकें. इस मामले में कलेक्टर सरगुजा विलास भोस्कर संदीपन ने कहा कि छात्रों की ओर से जो समस्याएं बताई गई हैं उन्हें जल्द से जल्द ठीक करने का आदेश दिया गया है.

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