Pragya Mahila Sw Sahayata Samuh Fraud: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के डोंगरगांव थाना पुलिस ने एक महिला स्व-सहायता समूह से 8.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी करने वाली महिला को गिरफ्तार किया है. महिला दो सालों से फरार चल रही थी. यह मामला राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम करेठी का है और 'प्रज्ञा महिला स्व-सहायता समूह' से जुड़ा है.
समूह के नाम पर 8,85,000 रुपये का लिया लोन
समूह की अध्यक्ष गणेशिया बाई बघेल पर आरोप है कि उन्होंने समूह की अन्य सदस्यों को अंधेरे में रखकर समूह के नाम पर कुल 8,85,000 रुपये का बैंक से लोन लिया. इस राशि को समूह के खाते में जमा करने के बजाय, उन्होंने इसे अपने निजी स्वार्थ के लिए खर्च कर दिया. आरोपी महिला ने समूह के सदस्यों को धोखे में रखकर और बिना बताए उनके रुपये को स्वयं अपने निजी उपयोग में खर्च कर दिया.
रुपये को निजी-खर्च में किए इस्तेमाल
आरोपी महिला ने लोन की रकम 885000 रुपये को बैंक में जमा नहीं किया और इस पैसे से टीवी, फ्रिज, कूलर और शेयर मार्केट में लगाकर खर्च कर दिया. हालांकि शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है.
महिला ने कबूला अपना जुर्म
बता दें कि समूह की एक महिला ने पुलिस में शिकायत की थी कि 'प्रज्ञा महिला स्व सहायता समूह' के अध्यक्ष गणेशिया बाई के द्वारा समूह के सदस्यों को धोखे में रखकर और समूह को बिना बताए बैंक से 8,85,000 रुपये लोन ले लिया और उनके रुपये को स्वयं अपने निजी उपयोग में खर्च कर दिया. इतना ही नहीं लोन की रकम को बैंक में अब तक जमा नहीं किया.
महिला के रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला गणेशिया बाई को महाराष्ट्र के नागपुर के कलमना से गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान महिला ने अपना जुर्म कबूल किया और पैसे को घर की मरम्मत, घरेलू उपयोग और शेयर मार्केट में लगाना बताया गया. महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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