BJP MLA चंद्राकर के भाई पर ED की कार्रवाई पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस ने आवाज दबाने का लगाया आरोप

ED Raid in Chhattisgarh: ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की यह संयुक्त कार्रवाई अभनपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के दौरान हुए कथित मुआवजा घोटाले को लेकर है. बताया जा रहा है कि विधायक अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर पर आरोप है कि उन्होंने अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में गलत तरीके से करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलवाया है. जांच टीम इसी मुआवजे से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन कर रही है.

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BJP MLA चंद्राकर के भाई पर ED की कार्रवाई पर गरमाई राजनीति
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ED Raid in Dhamtari: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी जिले में कुरुद विधायक और पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के चचेरे भाई के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है. इस मामले पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सत्तापक्ष की ओर से अपनी ही पार्टी के भीतर उठने वाली मुखर आवाजों को दबाने की कोशिश करार दिया है.

कांग्रेस मीडिया चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने इस छापेमारी को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला है. शुक्ला ने आरोप लगाया है कि अजय चंद्राकर सदन के भीतर और बाहर अपनी ही सरकार के कामकाज पर लगातार सवाल उठाते आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि चंद्राकर की बातें सरकार को असहज कर रही थीं, इसलिए अब ईडी के जरिए उन्हें और उनके करीबियों को निशाना बनाकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है. कांग्रेस का तर्क है कि ईडी का इस्तेमाल अब केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर उठने वाली असंतुष्ट आवाजों को भी कुचलने के लिए होने लगा है.

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भारतमाला प्रोजेक्ट में करोड़ों के मुआवजे का मामला

मिली जानकारी के अनुसार, ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की यह संयुक्त कार्रवाई अभनपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के दौरान हुए कथित मुआवजा घोटाले को लेकर है. बताया जा रहा है कि विधायक अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर पर आरोप है कि उन्होंने अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में गलत तरीके से करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलवाया है. जांच टीम इसी मुआवजे से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन कर रही है.

पांच तहसीलों तक फैला है जांच का दायरा

यह घोटाला केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम भूपेंद्र चंद्राकर के उन करीबियों की सूची खंगाल रही है, जिन्हें अभनपुर, दुर्ग तहसील, पाटन, तहसील, राजनांदगांव (देवादा) मगरलोड तहसील के क्षेत्रों में मोटा मुआवजा मिला है. 

कड़े पहरे के बीच दस्तावेजों की पड़ताल

तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर सोमवार सुबह पहुंची ईडी की टीम ने भूपेंद्र चंद्राकर के आवास पर दबिश दी. घर के बाहर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा तैनात कर दिया गया है और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. अंदर टीम मुआवजे से संबंधित फाइलों, बैंक बैंक विवरणों और संपत्ति के दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है. 

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इस छापेमारी के बाद कुरूद और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप का माहौल है, वहीं राजनीति के गलियारों में इसे आगामी चुनावों से पहले की "घेराबंदी" के तौर पर देखा जा रहा है.

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