Who was Naxalite commander Papa Rao: बीजापुर के नेशनल पार्क के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में माओवादी कमांडर पापा राव ढेर हो गया है. इसके अलावा DVCM दिलीप बेड़जा भी मारा गया. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है. हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. वहीं DVCM दिलीप बेड़जा का शव बरामद कर लिया गया है. ये जवानों के लिए बड़ी कामयाबी है. माना जा रहा है कि हिड़वा के बाद नक्सल कमांडर पापा राव और DVCM दिलीप बेड़जा का ढेर होना सुरक्षा जवानों के लिए बड़ी उपलब्धि है. पापा राव पर करीब 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था. ऐसे में यहां जानते हैं कौन था पापाराव?
कौन हैं माओवादी कमांडर पापाराव?
माओवादी कमांडर पापा राव का पूरा नाम सुन्नम पापाराव था. इसके अलावा मंगू दादा फर्फ चंन्द्रन्ना के नाम से भी मसहूर था. पापा राव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला था. वो नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DSZC) का सदस्य था. पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है. वो अपने साथ AK 47 रखता था. वो अपने साथ 30-40 नक्सलियों को साथ रखता था.
इन हमलों में था शामिल
नक्सली कमांडर पापाराव छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाकों, खासकर बीजापुर और सुकमा क्षेत्रों में सक्रिय था और वो बस्तर की जल- -जंगल- जमीन से पूरी तरह वाकिफ था. इसलिए वो हर बार मुठभेड़ से बचकर निकल भागता था. बता दें कि पापाराव भैरमगढ़ वेस्ट बस्तर एरिया कमेटी से जुड़े हमलों में शामिल रहा और सुरक्षा बलों के खिलाफ कई हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया था. उसके खिलाफ पुलिस में 40 से अधिक आपराधिक मामले और गिरफ्तारी वारंट दर्ज हैं. अधिकारियों के अनुसार, उसकी भूमिका में हथियार, लोगों की भर्ती और पीएलजीए (People Liberation Guerrilla Army) की रसद व्यवस्था जैसी जिम्मेदारियां मिली हुई थी.
'जिंदा या मुर्दा'... सुरक्षाबलों ने पापाराव के लिए बनाया था टारगेट
2026 की शुरुआत में सुरक्षा बलों ने पापाराव को आज के सबसे बड़े टारगेट के रूप में चिन्हित किया था. विशेष टीम DRG का लक्ष्य है कि 31 जनवरी 2026 तक उसे “जिंदा या मुर्दा” पकड़ना या ढेर करना है... सरेंडर नक्सली ने NDTV को बताया था कि पापाराव 25-30 हथियारबंद नक्सली साथियों के साथ जंगल में घूम रहा है. वो सरेंडर को फिलहाल राजी नहीं है.
पापाराव पश्चिम बस्तर और दक्षिण बस्तर में कई गतिविधियों में शामिल रहा. स्थानीय स्तर पर नक्सली संगठन की गतिविधियों को संरक्षित रखने में उसकी अहम भूमिका होती थी. बता दें कि बीते कुछ दिन पहले पापाराव की पत्नी उर्मिला (जो एरिया कमेटी की सचिव थी) ढेर हो गई थी, लेकिन पापाराव वहां से भाग निकला था.
ये भी पढ़ें: माओवादी कमांडर पापा राव ढेर: बीजापुर मुठभेड़ में मारे गए एक अन्य नक्सली, घटनास्थल से दो AK47 राइफल भी बरामद