MP-छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, बिलासपुर-पेंड्रा और कटनी रूट पर बढ़ेंगी तीसरी और चौथी लाइन

केंद्र ने 10,783 करोड़ की तीन मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी जिसमें बिलासपुर-पेंड्रा तीसरी और कटनी-पेंड्रा चौथी लाइन शामिल है. CM विष्णु देव साय ने स्वागत करते हुए PM मोदी और रेल मंत्री का आभार जताया. इससे 656 किमी नेटवर्क बढ़ेगा, 56 लाख लोगों और उद्योगों को लाभ मिलेगा.

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10,783 करोड़ की मल्टीट्रैकिंग रेल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, CM साय ने जताया आभार.

केंद्र सरकारी की मंजूरी के बाद मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाएं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति देंगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 हजार 783 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है.

सीएम ने कहा कि इनमें बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन छत्तीसगढ़ के विकास की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं. इन परियोजनाओं से प्रदेश के रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा तथा उद्योग और व्यापार के लिए माल परिवहन अधिक सुगम एवं प्रभावी होगा.

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राज्य में रेल ढांचा मजबूत हो रहा

साय ने कहा, ‘‘पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक और मजबूत रेल बुनियादी ढांचा के निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व गति से कार्य हो रहा है. छत्तीसगढ़ को भी इसका निरंतर लाभ मिल रहा है. नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को गति देने के साथ प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास और रोजगार की नई संभावनाओं को विस्तार देंगी.''

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है.

ये हैं रेल लाइन

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत तीन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं. इनकी कुल अनुमानित लागत 10 हजार 783 करोड़ रुपये है और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने की योजना है.

इन राज्यों को भी मजबूत होगी कनेक्टविटी

इन तीनों परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में रेल संपर्क मजबूत होगी तथा भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी. इनसे लगभग चार हजार 790 गांवों और करीब 56 लाख की आबादी को बेहतर रेल संपर्क का लाभ मिलेगा.

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छत्तीसगढ़ के लिए बहुत जरूरी

अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखती है. इन परियोजनाओं से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर (Rail Corridor) की क्षमता में वृद्धि होगी. अतिरिक्त लाइन क्षमता से ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा, रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी तथा यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक प्रभावी और विश्वसनीय हो सकेगी.

इस रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि से छत्तीसगढ़ की देश के अन्य हिस्सों से संपर्क को भी मजबूती मिलेगी. इसका लाभ आम यात्रियों के साथ प्रदेश की औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी मिलेगा.

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माल ढुलाई के लिए भी जरूरी

स्वीकृत रेल परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात सहित महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं. मल्टीट्रैकिंग से रेल नेटवर्क की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. तीनों परियोजनाओं से कुल मिलाकर प्रतिवर्ष लगभग 2.7 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होने का अनुमान है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)