कौन है मोस्ट वॉन्टेड नक्सल कमांडर पापाराव? आज 17 साथियों के साथ बीजापुर में करेगा सरेंडर

Naxal Commander Surrender: माओवादी कमांडर पापा राव का पूरा नाम सुन्नम पापाराव है. इसके अलावा मंगू दादा फर्फ चंन्द्रन्ना के नाम से भी मशहूर है. पापा राव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Naxal Commander Surrender in Bijapur: केंद्र सरकार और राज्य सरकार के नक्सल मुक्त अभियान को एक बड़ी सफलता मिल रही है. मोस्ट वॉन्टेड नक्सल कमांडर पापाराव आज यानी मंगलवार को सरेंडर करने जा रहा है. वह अपने 17 नक्सली साथियों के साथ NDTV की टीम की मदद से बीजापुर जिले में समर्पण करेगा. वह रातभर जंगल के रास्ते चलकर सरेंडर करने प्रशासन के पास जा रहा है. एनडीटीवी से नक्सल कमांडर पापाराव ने भी सरेंडर करने की पुष्टि की है.

Who is Naxal Commander Papa Rao: कौन हैं माओवादी कमांडर पापाराव?

नक्सल कमांडर पापाराव का पूरा नाम सुन्नम पापाराव है. वह मंगू दादा फर्फ चंन्द्रन्ना के नाम से भी मशहूर है. पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है. वो नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DSZC) का सदस्य है. पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है. पापाराव अपने साथ AK 47 रखते हैं और 30-40 नक्सलियों को साथ लेकर चलता है. 

Advertisement

इन हमलों में सामने आया नाम

नक्सली कमांडर पापाराव छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाकों, खासकर बीजापुर और सुकमा क्षेत्रों में सक्रिय रहा है और वो बस्तर की जल-जंगल-जमीन से पूरी तरह वाकिफ है. इसलिए वो हर बार मुठभेड़ से बचकर निकल भाग जाता था. बता दें कि पापाराव भैरमगढ़ वेस्ट बस्तर एरिया कमेटी से जुड़े हमलों में शामिल रहा और सुरक्षा बलों के खिलाफ कई हिंसक गतिविधियों को अंजाम दे चुका है. उसके खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मामले और गिरफ्तारी वारंट दर्ज है.

नक्सल मुक्त अभियान के लिए बड़ी सफलता

केंद्र सरकार ने देश को नक्सल मुक्त बनाने का 31 मार्च 2026 तक लक्ष्य रखा है. पिछले दो साल में कई बड़े नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में ढेर भी किया है. इसके अलावा राज्य सरकारें नक्सल पुनर्वास नीति भी चला रही हैं, जिससे कि नक्सली खुद को सुरक्षाबलों के सामने समर्पण कर मुख्यधारा में लौट सकते हैं. इसका बड़ा लाभ सरकार को मिल रहा है.