आंधी-तूफान के बीच महालक्ष्मी उद्योग बाउंड्री वॉल गिरी, मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए कई मजदूर, एक शव बरामद

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में मौसम के बदले मिजाज के बीच गुरुवार देर शाम तेज आंधी-तूफान की वजह से महालक्ष्मी उद्योग की भारी-भरकम बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर ढह गई. इस दौरान दीवार के पास ही बनी अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे ओम रुपेश कंपनी के कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए.

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छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है. इलाके में अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है, जिसके कारण महालक्ष्मी उद्योग की एक विशाल बाउंड्री वॉल ढह गई. इस हादसे ने दीवार के सहारे आसरा बनाए बैठे ओम रुपेश कंपनी के गरीब मजदूरों की दुनिया उजाड़ दी. दीवार गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई और कई मजदूर मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए. इस हादसे में अब तक एक महिला की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, कईं और के दबे होने की आसंका जताई जा रही है. 

जानकारी के मुताबिक, ओम रुपेश कंपनी में काम करने वाले ये मजदूर महालक्ष्मी उद्योग की बाउंड्री वॉल के किनारे ही अस्थायी रूप से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे थे. उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस दीवार की ओट में वे रह रहे हैं, वही एक दिन काल बन जाएगी. तेज हवाओं के दबाव को यह बाउंड्री वॉल झेल नहीं सकी और सीधे मजदूरों के आशियानों पर जा गिरी.

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एक गर्भवती महिला सहित कई घायल

इस दर्दनाक हादसे में जहां एक महिला की जान चली गई है, वहीं कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. घायलों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और प्रबंधन के सहयोग से घायलों को मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी हुई है.

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घटना की सूचना मिलते ही पूंजीपथरा पुलिस, जिला प्रशासन और राहत दल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और मलबे को हटाकर अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. हालांकि, मलबे का आकार इतना बड़ा है कि अब भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन की पूरी टीम मौके पर डटी हुई है और स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है.

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