अगले 5 दिन में छत्तीसगढ़ में शून्य हो जाएंगे नक्सली? कांकेर जिले में आज फिर 6 माओवादी कर सकते हैं सरेंडर

Naxalite Surrender: समर्पण करने वाले नक्सलियों में ACM मंगेश, ACM गणेश उइका,ACM राजे ,ACM हिड़मे उर्फ जमाली और ACM मंगति शामिल हैं. वहीं, कांकेर इलाके की महिला नक्सली स्वरूपा पहले ही पुलिस के पास पहुंच चुकी है. इन पांचों नक्सलियों के समर्पण के साथ ही मोहला मानपुर इलाके का अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी नक्सल मुक्त हो चुका है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
6 MAOISTS MAY SURRENDER TODAY IN KANKER DISTRICT

Kanker: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के सफाए के कुल जमा 5 दिन रह गए हैं. बुधवार को 17 नक्सलियों के एक साथ आत्म-समर्पण के बाद अब कांकेर जिले में 6 नक्सलियों के सरेंडर करने की खबर आ रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के सफाए की तारीख 31 मार्च 2026 तय की है. बुधवार को सशस्त्र नक्सल आंदोलन के सबसे सक्रिय और खूंखार चेहरों में शुमार पापा राव के सरेंडर ने इस मुहिम को और मजबूती दी है. खबर है कि 5 नक्सली एक SLR, दो 303 रायफल के साथ समर्पण करने निकले निकल चुके हैं.

समर्पण करने वाले नक्सलियों में ACM मंगेश, ACM गणेश उइका,ACM राजे ,ACM हिड़मे उर्फ जमाली और ACM मंगति शामिल हैं. वहीं, कांकेर इलाके की महिला नक्सली स्वरूपा पहले ही पुलिस के पास पहुंच चुकी है. इन पांचों नक्सलियों के समर्पण के साथ ही मोहला मानपुर इलाके का अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी नक्सल मुक्त हो चुका है.

ये भी पढ़ें-Maoism In Life Support: बस्तर में वेंटीलेटर पर माओवाद, साल भर में सिमटा 4 दशकों का उग्रवाद, दावा- दंतेवाड़ा में एक भी माओवादी नहीं बचा

दंतेवाड़ा में पूरी तरह ध्वस्त हो चुका माओवादियों की दरभा डिविजन

गौरतलब है खूंखार चेहरों में शुमार पापा राव के अपने 17 साथियों के साथ आत्म-समर्पण ने राज्य में नक्सल समस्या के अंतिम चरण की ओर बढ़ने का निर्णायक कदम है. सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा में माओवादियों की दरभा डिविजन पूरी तरह से ध्वस्त किया जा चुका है. दावा है कि दंतेवाड़ा में अब कोई भी माओवादी नहीं बचा है, जहां बीते दो सालों में सरकार ने सडकों का जाल बिछा दिया है.

Advertisement

पुनर्वास नीति से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा में दे रहे हैं नक्सली

उल्लेखनीय है आज दंतेवाड़ा की तस्वीर बदल गई है, कभी बस्तर के जंगलों में बंदूक थामने वाले हाथ आज सरकार की पुनर्वास नीति से जुड़कर दंतेवाड़ा के लाइवलीहुड कॉलेज में स्किल डेवलपमेंट से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा में दे रहे हैं. यहां सरेंडर कर चुकी महिला नक्सली सिलाई, हथकरघा से कपड़े बनाना, इलेक्ट्रिशियन के काम सीख रहीं हैं, तो पुरूष नक्सली ड्राइविंग, राजमिस्त्री, वेल्डिंग और पलंबरिंग का काम सीख रहे हैं.

ये भी पढ़ें-रायपुर घूमने आया, भिलाई में सीखी ड्राइविंग, खूंखार नक्सली पापा राव के अर्बन कनेक्शन की पूरी कहानी

दंतेवाड़ा जिले में अब तक 1659 माओवादियों ने आत्म- समर्पण कर मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं. वहीं 1720 माओवादियों की गिरफ्तारी की गई. अलग-अलग मुठभेड़ो में कुल 260 माओवादी मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं. इन मुठभेड़ में 335 हमारे बहादुर जवानो ने अपनी शहादत दी है, वही 351 आम ग्रामीण नक्सलियों की बर्बरता और क्रुर दंश में मारे गए हैं.

माओवादी संगठन में अब केवल बचे हैं तीन बड़े सक्रिय नक्सल लीडर

उल्लेखनीय है पापा राव के पुनर्वास के बाद छत्तीसगढ़ में सक्रिय बड़े नक्सली नेताओं की संख्या काफी कम हो गई है. अब केवल तीन बड़े नक्सल लीडर सक्रिय बताए जा रहे हैं. इनमें हेमला बिच्चा, सोढ़ी केशा और महिला नक्सल लीडर रूपी शामिल हैं.  हेमला बिच्चा और सोढ़ी केशा बीजापुर और तेलंगाना की सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय हैं, जबकि रूपी कांकेर और आसपास के इलाकों में अपनी टीम के साथ मौजूद बताई जा रही है.

ये भी पढ़ें-नक्सल कमांडर पापा राव कौन? साथ रखता AK 47, कई वर्षों से सुरक्षा बल कर रहे तलाश