खरीफ की खेती का सीजन शुरू हो चुका है. ऐसे में किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने सोमवार, 29 जून को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन दुकानों को सील कर दिया है. साथ ही दो दर्जन से ज्यादा नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. कृषि विभाग के इस कार्रवाई से उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप मच गया. प्रशासन की इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम कहा जा रहा है.
कृषि विभाग का ताबड़तोड़ निरीक्षण
पिछले कुछ सालों में खाद की कृत्रिम कमी, नकली बीज, अधिक कीमतों पर बिक्री और अवैध भंडारण जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं. इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने पत्थलगांव क्षेत्र में खाद-बीज विक्रेताओं के यहां ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई.
तीन दुकानें सील
जिसके बाद अधिकारियों ने दो दर्जन से अधिक उर्वरक के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए रायपुर स्थित प्रयोगशाला भेज दिया. वहीं अनियमितता और अवैध भंडारण की आशंका पर तीन दुकानों को सील कर दिया गया है. विभाग की इस कार्रवाई से खाद-बीज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
बता दें कि खरीफ सीजन के दौरान नकली बीज, खाद का अवैध भंडारण और कालाबाजारी की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं. ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं दूसरी ओर उर्वरक विक्रेताओं के बीच निरीक्षण अभियान को लेकर बेचैनी बढ़ गई है. हालांकि सभी की नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी है. रिपोर्ट से यह साफ होगा कि किसानों को बेचा जा रहा खाद और बीज तय मानकों के अनुरूप है या फिर बाजार में नकली और घटिया सामग्री की सप्लाई हो रही है. यदि नमूने फेल पाए जाते हैं तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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