चिटफंड के नाम पर 128 निवेशकों से की थी 38 लाख की ठगी, 10 साल बाद दो फरार डायरेक्टर चढ़े पुलिस के हत्थे

पीएसीएल कंपनी के डायरेक्टरों और एजेंटों ने लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर अलग-अलग समय पर निवेश करवाया था. लेकिन, जब निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी कंपनी ने रकम वापस नहीं की, तो बड़ी संख्या में निवेशकों को ठगी के शिकार एहसास हुआ . इसके बाद पीड़ितों ने इसकी शिकायत पुलिस से की. 

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चिटफंड के नाम पर 128 निवेशकों से की थी 38 लाख की ठगी, 10 साल बाद दो फरार डायरेक्टर चढ़े पुलिस के हत्थे
Deepessh Shukla

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में चिटफंड कंपनी पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) से जुड़े बहुचर्चित ठगी मामले में थाना पलारी पुलिस को बड़ी सफलता मिली. दरअसल, लंबे समय से फरार चल रहे कंपनी के दो डायरेक्टरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लिया है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीएसीएल कंपनी के डायरेक्टरों और एजेंटों ने लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर अलग-अलग समय पर निवेश करवाया था. लेकिन, जब निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी कंपनी ने रकम वापस नहीं की, तो बड़ी संख्या में निवेशकों को ठगी के शिकार एहसास हुआ . इसके बाद पीड़ितों ने इसकी शिकायत पुलिस से की. 

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प्रोडक्शन वारंट पर लिया हिरासत में 

इस मामले में प्रार्थी पंचराम साहू की शिकायत पर 7 नवंबर 2016 को थाना पलारी में अपराध संख्या 471/2016 के तहत धारा 420, 34 भादवि और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम सहित प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि कुछ आरोपी फरार चल रहे थे. फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी. इसी दौरान सूचना मिली कि दो आरोपी उत्तर प्रदेश के जिला जालौन स्थित उरई जेल में एक अन्य मामले में बंद हैं.

थाना पलारी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों-गुरनाम सिंह (59 वर्ष) निवासी रोपड़, पंजाब एवं गुरुजंत सिंह (80 वर्ष) पंजाब के मोहाली  निवासी को प्रोडक्शन वारंट के तहत हिरासत में लिया. पूछताछ में दोनों ने पीएसीएल कंपनी के माध्यम से लोगों को ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर निवेश करवाने और रकम हड़पने की बात स्वीकार की. पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया कर दी है. इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

बताया गया है कि इस घोटाले में 128 निवेशकों से कुल 38 लाख 18 हजार 310 रुपये की ठगी की गई थी . अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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