IAS समीर व‍िश्‍नोई: स्‍कूल टॉपर ने आईएएस बनकर कमाया अथाह पैसा, अब कोयला घोटाले में करोड़ों की संपत्ति कुर्क

IAS Sameer Vishnoi: छत्तीसगढ़ में कोयला लेवी घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है. राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की जांच में आईएएस समीर विश्नोई द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का खुलासा हुआ है. रायपुर स्थित विशेष न्यायालय ने उनकी करोड़ों की अचल संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया है.

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समीर विश्‍नोई पर बड़ा एक्शन: रायपुर कोर्ट के आदेश पर करोड़ों की संपत्ति अटैच, बिक्री पर पूरी तरह रोक

IAS Sameer Vishnoi: छत्तीसगढ़ में चर्चित कोयला लेवी घोटाले को लेकर ईओडब्ल्यू (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. 2009 बैच के भारतीय प्रशासन‍िक सेवा के अधिकारी और स्कूल टॉपर रहे IAS समीर विश्नोई की करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली गई हैं. यह भी पता चला है कि एक होनहार छात्र से आईएएस बने समीर विश्नोई ने पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के जरिए अथाह अवैध संपत्ति अर्जित की, जिस पर अब विशेष न्यायालय के सख्त आदेश के बाद गाज गिरी है.

परिवार और फर्मों के नाम पर संपत्ति

रायपुर EOW की जांच में सामने आया कि आईएएस समीर विश्नोई ने अपने परिवार के सदस्यों और विभिन्न फर्मों के नाम पर बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की. यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत दर्ज किया गया है. जांच में करोड़ों रुपये के निवेश और अघोषित संपत्तियों का खुलासा हुआ है.

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ED पहले कर चुका है कार्रवाई

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कोयला लेवी स्कैम में कार्रवाई कर चुका है. ED ने विश्नोई की 5 संपत्तियों को प्रोविजनल अटैच किया था. इसके बाद EOW की जांच में करीब 4 करोड़ रुपये की 9 और संपत्तियों का पता चला. रायपुर स्थित विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में EOW द्वारा पेश आवेदन पर 17 अप्रैल 2026 को सुनवाई हुई. कोर्ट ने सभी चिन्हित संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी कर दिया. इस आदेश के बाद अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री और ट्रांसफर पर पूरी तरह रोक लग गई है. 

IAS Sameer Vishnoi From School Topper to Coal Levy Scam EOW Assets Attached

कौन हैं IAS समीर विश्नोई?

जन्म और शिक्षा: IAS समीर विश्नोई 2009 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी हैं. उनका जन्म 13 दिसंबर 1982 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ. उनके पिता सरकारी अधिकारी और मां शिक्षिका रही हैं. उन्होंने स्कूली शिक्षा कानपुर से पूरी की और शुरू से ही मेधावी छात्र रहे. इसके बाद उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया, जहां वे गोल्ड मेडलिस्ट रहे.

उपलब्धियां और शुरुआती करियर

IIT के दौरान उन्होंने रोबोट तकनीक पर शोध कर मॉडल तैयार किया, जिसे प्रदर्शनी में प्रथम स्थान मिला. वर्ष 2006 में उन्हें रॉयल सोसाइटी, लंदन से प्रशस्ति पत्र भी मिला. उन्होंने वंचित वर्गों के लिए सामाजिक कार्यों में भी भागीदारी की. UPSC परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने 11 दिसंबर 2009 को IAS सेवा ज्वाइन की. पहली पोस्टिंग कोंडागांव (बस्तर) में म‍िली. वाणिज्यिक कर आयुक्त, खनिज संचालक और माइनिंग कॉरपोरेशन के MD, महानिदेशक पंजीयन एवं मुद्रांक व GST डायरेक्टर पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं.  

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