छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. एक 15 साल की छात्रा ने सिर्फ इसलिए आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसके माता-पिता ने डांट दिया था. डांटने की वजह भी यह सामने आई है कि वह देर रात तक वह मोबाइल का उपयोग रही थी, जिस वजह से उसे परिजनों ने समझाया था. माता-पिता का डांटना छात्रा को बुरा लग गया और अगले दिन सुबह उसका शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला.
मृतका की पहचान प्रगति मरकाम (15) के रूप में हुई है, जो खारिया गांव की रहने वाली थी और वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ बोड़ला में किराए के मकान में रहती थी. वह कक्षा 9वीं की छात्रा थी. उसके माता-पिता पास के एक शासकीय छात्रावास में चतुर्थ श्रेणी रसोइया के रूप में कार्यरत हैं.
रात को परिजनों ने डांटा
बताया जा रहा है कि शनिवार रात परिजनों ने छात्रा को देर तक मोबाइल चलाने पर डांटा था. इसके बाद सभी अपने-अपने कमरों में सो गए. रविवार तड़के करीब 5 बजे छात्रा ने अपने कमरे में फांसी लगा ली. सुबह जब परिजन जागे तो उसे फंदे पर लटका देखकर उनके होश उड़ गए. सूचना मिलते ही बोड़ला पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा.
बोड़ला के पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अखिलेश कौशिक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को लेकर माता-पिता द्वारा डांटने की बात सामने आई है. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
बच्चों को मोबाइल की लत से कैसे बचाएं?
- छोटे बच्चों को आवश्यकता से अधिक मोबाइल उपलब्ध न कराएं.
- पढ़ाई, खेल, नींद और मोबाइल के लिए संतुलित समय तय करें.
- माता-पिता स्वयं भी मोबाइल के सीमित और जिम्मेदार उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत करें.
- बच्चों को खेलकूद, पुस्तक पढ़ने, संगीत, चित्रकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें.
- यदि बच्चा चिड़चिड़ा, उदास या मोबाइल छीनने पर असामान्य प्रतिक्रिया दे रहा हो तो उसे डांटने के बजाय उसकी बात सुनें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें.
- परिवार में प्रतिदिन कुछ समय बिना मोबाइल के साथ बैठकर बातचीत करने की आदत विकसित करें.
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