EOW ने सौम्या चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक मामले में पेश किया 8000 पेज का चालान; अवैध संपत्ति का खुलासा

Saumya Chaurasia Case: सौम्या चौरसिया 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. उनकी पहली नियुक्ति डिप्टी कलेक्टर, बिलासपुर के पद पर हुई थी. इससे पहले वे वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं. वर्ष 2019 में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया गया था.

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EOW ने सौम्या चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक मामले में पेश किया 4000 पेज का चालान; अवैध संपत्ति का खुलासा

Disproportionate Assets: भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) सरकार में सबसे मजबूत अधिकारी रहीं डिप्टी सेक्रेटरी राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया (Saumya Chaurasia) के खिलाफ ईओडब्ल्यू (EOW) ने  8,000 पेज का चालान विशेष न्यायालय में पेश किया, चार्जशीट में 50 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है. छत्तीसगढ़ के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का सबसे बड़ा प्रकरण बताया जा रहा है. ब्यूरो ने अपराध क्रमांक 22/2024 के तहत धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत यह प्रकरण दर्ज किया था. जांच में यह सामने आया कि सौम्या चौरसिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध संपत्ति अर्जित की.

45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश का खुलासा

ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सौम्या चौरसिया ने अपने परिवार एवं अन्य व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश किया है. जांच में यह साबित हुआ कि उनके द्वारा पद पर रहते हुए ₹49,69,48,298/- (उनचास करोड़ उनहत्तर लाख अड़तालीस हजार दो सौ अट्ठानवे रुपये) की अवैध कमाई की गई.

वैध आय सिर्फ ढाई करोड़, अवैध संपत्ति करीब 50 करोड़

ब्यूरो की जांच में यह तथ्य सामने आया कि अपने 17 वर्षों के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया और उनके परिवार की वैध आय केवल ₹2,51,89,175/- (दो करोड़ इक्यावन लाख नवासी हजार एक सौ पचहत्तर रुपये) थी, जबकि उन्होंने लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की. इस प्रकार उनके द्वारा 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय प्राप्त की गई.

2008 बैच की अधिकारी रही हैं सौम्या चौरसिया

सौम्या चौरसिया 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. उनकी पहली नियुक्ति डिप्टी कलेक्टर, बिलासपुर के पद पर हुई थी. इससे पहले वे वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं. वर्ष 2019 में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया गया था.

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2019 से 2022 के बीच हुआ सबसे अधिक निवेश

ब्यूरो की जांच में यह भी सामने आया कि सौम्या चौरसिया द्वारा 2019 से 2022 के बीच के वर्षों में सबसे अधिक अवैध धनराशि का निवेश किया गया. इस अवधि में उनके द्वारा करोड़ों रुपये की संपत्तियाँ खरीदी गईं.

अब तक का सबसे बड़ा आय से अधिक संपत्ति प्रकरण

ईओडब्ल्यू के अनुसार, यह मामला अब तक का सबसे बड़ा “आय से अधिक संपत्ति” प्रकरण है. ब्यूरो ने विस्तृत जांच और साक्ष्यों के आधार पर लगभग 8,000 पृष्ठों का अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया है.

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