Anti Naxal Operation: नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच 8 घंटे चली मुठभेड़, फिर चार माओवादी हुए ढेर

Anti Naxal Operation News: बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी के अनुसार, घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बुधवार को मुठभेड़ शुरू हुई, जो लगातार कई घंटों तक चली. तेज़ बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने मोर्चा संभाले रखा और फिर चार माओवादियों को ढेर कर दिया.

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Chhattisgarh Anti Naxal Operation: महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा (Chhattisgarh-Maharashtra Border) पर गडचिरोली जिले के नज़दीक बुधवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच आठ घंटे तक मुठभेड़ चली. इस दौरान चार नक्सलियों को मार गिराया गया. मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं.

सूत्रों के मुताबिक, गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो यूनिट और सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम (QAT) ने यह संयुक्त अभियान चलाया. उन्हें सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ सीमा से सटे कोपर्शी गांव के जंगलों में माओवादियों का ठिकाना है.

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घने जंगल और बारिश के बीच घंटों चली गोलीबारी

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी के अनुसार, घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बुधवार को मुठभेड़ शुरू हुई, जो लगातार कई घंटों तक चली. तेज़ बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने मोर्चा संभाले रखा और फिर चार माओवादियों को ढेर कर दिया.

हथियारों का जखीरा बरामद

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने चार हथियार भी बरामद किए हैं, जिनमें एक एसएलआर, एक इंसास राइफल और एक .303 राइफल शामिल हैं. यह बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि माओवादी लंबे समय तक संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार थे.

महिला कैडर की बढ़ती भूमिका

इस मुठभेड़ में तीन महिला माओवादियों की मौत होना इस बात का संकेत है कि संगठन में महिला कैडर की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. सुरक्षा एजेंसियां इसे चिंताजनक रुझान मान रही हैं.

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अब भी कई माओवादी छिपे हो सकते हैं. इसी वजह से आसपास के जंगलों में सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है. लगातार हो रही बारिश और दुर्गम इलाका सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.

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महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहा है. ऐसे में यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अधिकारियों ने साफ किया है कि नक्सलियों पर दबाव बनाए रखने और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान और तेज़ किया जाएगा.

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