11 दिन में टूटने लगी सड़कें, जगह-जगह क्रैक से भड़के लोग, पूर्व विधायक कमरो का भी फूटा गुस्सा

Corruption in Road Constrution ManendraGarh Bharatpur Chirmiri: नई बनी सड़क की ऊपरी सतह उखड़ने लगी है. वहीं, पुल का ढांचा भी कई जगह कमजोर दिखाई दे रहा है. इस स्थिति ने गांव के लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया है.

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Corruption in Road Constrution: छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के ग्राम पंचायत कटकोना में मुख्य मार्ग से पहाड़पारा होते हुए कारीछापर तक बन रही सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता पहले ही दिन से सवालों के घेरे में है. हैरानी की बात यह है कि निर्माण शुरू हुए अभी मुश्किल से 15 से 20 दिन बीते हैं, लेकिन सड़क से लेकर पुल तक में जगह-जगह दरारें साफ नजर आने लगी हैं.

नई बनी सड़क की ऊपरी सतह उखड़ने लगी है. वहीं, पुल का ढांचा भी कई जगह कमजोर दिखाई दे रहा है. इस स्थिति ने गांव के लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया है.

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क से उन्हें राहत मिलने वाली थी. वही, सड़क अब उनके लिए खतरा बनती जा रही है. एनडीटीवी की टीम जब मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने विभाग और ठेकेदार पर सीधे-सीधे आरोप लगाए. ग्रामीण दुर्गेश यादव ने बताया कि सड़क बने मुश्किल से 15 से 20 दिन हुए हैं, लेकिन 15 दिन के भीतर ही सड़क टूटने लगी है. उनके मुताबिक मिक्सिंग कमजोर रही और काम में मानकों का पालन नहीं किया गया. इसके अलावा, पानी की तराई ठीक से नहीं होने की वजह से सड़कें टूटने लगी है.

बच्चों को राहत पर फिरा पानी

ग्रामीण रमेश कुमार कहते हैं कि यह सड़क अगर सही तरीके से बनती, तो बच्चों को स्कूल आने-जाने में बड़ा फायदा होता. गांव के लोगों को भी रोजमर्रा के सफर में राहत मिलती, लेकिन अब हालत यह है कि नई सड़क पंद्रह दिन में ही उखड़ने लगी है, जिससे गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

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गुणवत्ताहीन काम से बर्बाद हुई पूरी परियोजना

ग्रामीण शिवनारायण ने सड़क निर्माण को पूरी तरह घटिया बताते हुए कहा कि इसके निर्माण में बड़े पैमाने पर गुणवत्ता से समझौता किया गया है. उनके अनुसार अगर विभाग और ठेकेदार नियमों के अनुसार काम करते, तो यह सड़क वर्षों तक चल सकती थी, लेकिन अब सड़क उखड़ने और दरारें पड़ने से साफ है कि भ्रष्टाचार ने परियोजना की नींव हिला दी है.

… फिर भी कार्रवाई नहीं

ग्रामीण जगन्नाथ सिंह ने बताया कि यह इलाका मुख्य मार्ग है, जिससे रोजाना लोगों का आना-जाना होता है. ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने ठेकेदार और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि यही वजह है कि सड़क आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिख रही है.

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सरपंच ने भी उठाए सवाल

ग्राम पंचायत कटकोना के सरपंच प्रेम राय सिंह ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. सरपंच के अनुसार गांव के लोगों ने खुद देखा कि निर्माण में कितना सीमेंट डाला जा रहा है, लेकिन विभाग की तरफ से निगरानी नहीं की गई. उन्होंने कहा कि वह लिखित शिकायत करेंगे और मांग करेंगे कि सड़क की जांच कराकर नए सिरे से निर्माण कराया जाए.

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने जताई नाराजगी

भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने भी सोशल मीडिया पर आ रही लगातार शिकायतों के आधार पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि खड़गवां, मनेंद्रगढ़ और भरतपुर क्षेत्र में कई सड़कें पपड़ी की तरह उखड़ रही हैं, डामर ठीक से नहीं लगाया गया है और मॉनिटरिंग पूरी तरह फेल नजर आ रही है. पूर्व विधायक ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो और अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क का निर्माण फिर से कराया जाए.

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जांच और कार्रवाई पर उठे सवाल

कटकोना की यह सड़क सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीणों के भरोसे की कसौटी बन चुकी है. जब नई सड़क 15-20 दिन में ही दरारों में बदलने लगी. ऐसे में लोगों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं, क्या निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ? क्या विभागीय मॉनिटरिंग सिर्फ कागजों तक सीमित रही? और क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? ऐसे में ग्रामीण अब स्पष्ट कह रहे हैं या तो सड़क दोबारा बने, या जिम्मेदारों पर सख्त एक्शन हो.