सूरजपुर‌‌: शिक्षिका पर छात्रों को बाइबल बांटकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने का आरोप

स्कूल में पदस्थ शिक्षिका पर स्कूली किताब की जगह बाइबल बांटने का आरोप है. इतना ही नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षिका बाइबल की किताबें देकर बच्चों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रही थी.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
सूरजपुर में धर्मांतरण का मामला फिर आया सामने.
सूरजपुर:

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले सूरजपुर में आए दिन धर्मांतरण के मामले सामने आते रहते हैं. हाल ही में एक और नया मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल में पदस्थ शिक्षिका पर छात्रों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने का आरोप लगा है. पूरा मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक अंतर्गत संचालित सेमराखुर्द शासकीय प्राथमिक शाला पंडोपारा का है, जहां ग्रामीण स्कूल की एक शिक्षिका पर छात्रों को बाइबल की किताबें देकर पढ़ने और धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है.

स्कूली किताब की जगह बांटी गई बाइबल
ग्रामीण का कहना है कि शिक्षिका छात्राओं के मासूम मस्तिष्क में शिक्षा पाठ्यक्रम की जगह बाइबल का बीज बो रही थी. उनलोगों ने शिक्षिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां पर पदस्थ शिक्षिका बच्चों को बाइबल बांटकर उन्हें सुबह शाम इसे ही पढ़ने के लिए कहती है. इतना ही नहीं उक्त शिक्षिका के द्वारा बच्चियों को प्रदेश के दुर्ग और भिलाई जैसे जगहों में घुमाने और चर्च दिखाने की भी बात करती थी.
अभिभावकों को नहीं लगी इसकी भनक
शिक्षा की आड़ में धर्म परिवर्तन करने की कोशिश का खुलासा तब हुआ जब अभिभावकों ने छात्राओं को स्कूल की किताबों की जगह किसी अन्य किताब को पढ़ते हुए देखा. जब उन्होंने छात्राओं से पूछा कि यह किताब कहां से मिली, तब छात्राओं ने इसकी जानकारी दी, जिसे सुनकर अभिभावक भी सकते में आ गए. इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी अन्य ग्रामीणों को दी. जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंचकर इसका विरोध किया. वहीं हिंदू संगठन के लोग भी वहां पहुंचे और उक्त शिक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.

फिलहाल विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने उक्त शिक्षिका को दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण कर दिया है, लेकिन ग्रामीण शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.

Topics mentioned in this article