सुशासन तिहार में सीएम साय के दिखे सख्त तेवर: लापरवाही मिलने पर मंच से ही सहायक आयुक्त को किया सस्पेंड

कोरिया जिले में आयोजित 'सुशासन तिहार' में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का एक अलग ही रूप देखने को मिला. अपनी सौम्य छवि के लिए जाने जाने वाले सीएम साय ने जन शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की. उन्होंने काम में लापरवाही बरतने वाले सहायक आयुक्त को तुरंत सस्पेंड कर दिया, वहीं शिक्षा व्यवस्था के लचर नतीजों पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर को ठोस कार्ययोजना बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं.

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Chhattisgarh news: सुशासन तिहार में सीएम साय के दिखे सख्त तेवर: लापरवाही पर कर दी बड़ी कार्रवाई
Zulfikar Ali

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी सरल और सौम्य कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जब बात जनता के हक और सुशासन की आती है, तो वे कड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटते. हाल ही में कोरिया जिले में आयोजित 'सुशासन तिहार' (सुशासन उत्सव) के दौरान मुख्यमंत्री का यही सख्त और जिम्मेदार रूप देखने को मिला. मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि जनता के कामों में ढीली कार्यशैली और लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सुशासन तिहार के मंच से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का सीधा संदेश दिया. कार्यक्रम के दौरान जब उन्हें कोरिया जिले के सहकारी संस्थाएं विभाग के सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह के खिलाफ कामकाज में गंभीर लापरवाही और गड़बड़ियों की कई शिकायतें मिलीं, तो उन्होंने बिना किसी देरी के कड़ा रुख अपनाया. सीएम साय ने मंच से ही सहायक आयुक्त को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) करने के निर्देश जारी कर दिए. इस त्वरित कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है.

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जनहित की योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए. उन्होंने विभिन्न विभागों के कामकाज को परखते हुए 'प्रधानमंत्री आवास योजना' की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की. सीएम ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जितने भी पात्र हितग्राही हैं, उनके मकानों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए, ताकि गरीब परिवारों को समय पर उनका पक्का मकान मिल सके.

लचर परीक्षा परिणामों पर जताई नाराजगी

सुशासन तिहार में केवल प्रशासनिक लापरवाही पर ही गाज नहीं गिरी, बल्कि शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर भी मुख्यमंत्री बेहद गंभीर नजर आए. जिले के हालिया परीक्षा परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आने पर सीएम साय ने गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करें, ताकि भविष्य में छात्रों का प्रदर्शन बेहतर हो सके.

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इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री साय ने पारंपरिक चौपाल लगाकर सीधे आम जनता से संवाद किया. उन्होंने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच बैठकर उनकी छोटी-बड़ी समस्याओं को बेहद आत्मीयता से सुना. जनता की तकलीफों को दूर करने के लिए उन्होंने मौके पर मौजूद सभी आला अधिकारियों को निर्देशित किया. साथ ही कहा कि इन सभी आवेदनों और शिकायतों का त्वरित व समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए. 

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