Pre-Secondary School Karanjwar Pratappur Principal accused of Mental Harassment: सूरजपुर जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है. पूर्व माध्यमिक शाला कंरजवार में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे रोते-बिलखते प्रतापपुर थाने तक पहुंच गए. बच्चों ने स्कूल के प्रिंसिपल पर मानसिक प्रताड़ना और झूठे चोरी के आरोप लगाने की बात कही है. इस मामले के सामने आते ही पुलिस और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया.
इधर, मामला सामने आने के बाद NDTV ने प्रमुखता से खबर को प्रसारित किया, जिसके बाद महिला व बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस मामले में संज्ञान लिया है.
बच्चों के अनुसार, वे आने वाले 26 जनवरी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे. देशभक्ति गीतों पर डांस की प्रैक्टिस के लिए वो स्कूल में एक छोटे से स्पीकर बॉक्स का इस्तेमाल करते थे. करीब तीन दिन पहले वह स्पीकर बॉक्स स्कूल से गायब हो गया. इसके बाद स्कूल के प्रिंसिपल राजेश प्रसाद यादव ने बच्चों पर ही चोरी का आरोप लगा दिया.
चोरी कबूल करने का बनाया दबाव, टीसी काटने की धमकी
बच्चों का कहना है कि प्रिंसिपल पिछले तीन दिनों से उन्हें लगातार डराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. बच्चों पर चोरी कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा था. यहां तक कहा गया कि अगर उन्होंने चोरी नहीं मानी तो उनका ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) काट दिया जाएगा और किसी भी दूसरे स्कूल में उनका एडमिशन नहीं होने दिया जाएगा. इस धमकी से बच्चे बुरी तरह डर गए.
अभिभावकों ने भी डांटा तो पहुंच गए थाने
इस पूरे मामले की जानकारी जब बच्चों के परिजनों को लगी तो उन्होंने भी बच्चों को ही डांटना शुरू कर दिया. घर और स्कूल, दोनों जगह से दबाव बढ़ने के बाद बच्चे मानसिक रूप से टूट गए और थक-हारकर न्याय की उम्मीद में प्रतापपुर थाने पहुंच गए. थाने में बच्चों ने रोते हुए पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई.
पुलिस ने प्रिंसिपल को बलुाकर कराया समझौता
हालांकि, आरोप है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय स्कूल प्रिंसिपल को थाने बुलाकर समझौता कराना ही सही समझा और पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया. बच्चों को बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस भेज दिया गया. थाने में मौजूद लोगों ने रोते हुए बच्चों का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.
वीडियो में बच्चे अपनी पीड़ा और डर को साफ-साफ बयां करते नजर आ रहे हैं. इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
लक्ष्मी राजवाड़े ने DEO को दिए ये निर्देश
वहीं NDTV पर खबर प्रसारित होने के बाद महिला व बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संज्ञान लिया. उन्होंने DEO को जांच के लिए निर्देश दिए... फिलहाल डीईओ ने जांच टीम गठित कर जांच शुरू कर दी.
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