छत्तीसगढ़ में करोड़ों का घोटाला! सरगुजा वन मंडल में अफसर कर रहे थे ‘बड़ा स्कैम’... RTI एक्टिविस्ट ने लगाए कई आरोप

Chhattisgarh Corruption: छत्तीसगढ़ के सरगुजा वन मंडल में करोड़ों रुपये के गोदाम निर्माण में घोटाले का मामला सामने आया है. आरटीआई एक्टिविस्ट और अधिवक्ता दिनेश सोनी ने आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी सामने लाई है और आरोप लगाया है कि सरगुजा वन मंडल के तत्कालीन और वर्तमान वन विभाग अधिकारियों ने फर्जी बिल और वाउचर के माध्यम से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सरगुजा वन मंडल में करोड़ों रुपये के गोदाम निर्माण में घोटाले का मामला

Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा वन मंडल में करोड़ों रुपये के गोदाम निर्माण में घोटाले का मामला सामने आया है. आरटीआई एक्टिविस्ट और अधिवक्ता दिनेश सोनी ने आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी सामने लाई है. 

आरटीआई एक्टिविस्ट ने आरोप लगाया है कि सरगुजा वन मंडल के तत्कालीन और वर्तमान वन विभाग अधिकारियों ने फर्जी बिल और वाउचर के माध्यम से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है. उन्होंने लगभग 20 से 25 करोड़ के इस कथित बड़े घोटाले में कोतवाली थाना में ज्ञापन सौंपा है. वन विभाग में हुए इस भ्रष्टाचार के मामले में अपराध दर्ज करने को लेकर उन्होंने कोतवाली थाना में कई दस्तावेजों के साथ आवेदन दिया है.

सरगुजा में वन क्षेत्रों में तेंदुपत्ता का संग्रहण व्यापक पैमाने में होता है. इसके लिए पिछली कांग्रेस सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से जिले के  अम्बिकापुर सहित आसपास के वन क्षेत्रों में 8 गोदाम का निर्माण कराया गया है लेकिन इन गोदामों के निर्माण  अधूरी और घटिया गुणवत्ता की इमारतों के बावजूद करोड़ों का भुगतान किया गया. 

एफआईआर दर्ज करने की मांग 

आरटीआई कार्यकर्ता सोनी ने इस पुरे मामले की जानकारी आरटीआई के माध्यम से डेढ़ वर्षो के अथक प्रयास के बाद 2500 पन्नों में प्राप्त किया. अब इस पूरे मामले की शिकायत के साथ कोतवाली थाना अंबिकापुर में एफआईआर दर्ज कराने का आवेदन दिया है.

Advertisement

उन्होंने आरोप लगाया है कि मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान किया गया, जिसमें एक ही व्यक्ति को लाखों रुपए का भुगतान दिखाया गया. साथ ही निर्माण कार्य मानकों के अनुसार भी नहीं हुआ है. सोनी का आरोप है कि तेंदूपत्ता रखने के लिए गोदाम का निर्माण किया गया था लेकिन उसमें बिना किसी अनुमति पीडीएस का चावल रखा जा रहा है.

पुलिस नहीं करेगी कार्रवाई तो.... 

 इस बड़े घोटाले में पूर्व वन मंत्री के करीबी ठेकेदार की संलिप्तता की बात भी सामने आई है. आरटीआई एक्टिविस्ट व अधिवक्ता डीके सोनी का कहना है कि लगभग 20 से 25 करोड़ के इस बड़े घोटाले में उन्होंने आज कोतवाली थाना में ज्ञापन सौंपा है. अगर पुलिस कार्रवाई समय से नहीं कराती है तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे.

ये भी पढ़ें Naxali Letter: घबराए नक्सलियों के हाईकमान का एरिया कमेटी को पत्र, कहा- अस्तित्व खतरे में, नहीं मिल रहे लड़ाके

Advertisement
Topics mentioned in this article