Chhattisgarh Maoist in Assembly: देश में लाल आतंक खात्मे की ओर है. डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले ही खूबसूरत तस्वीरें भी सामने आने लगी हैं. एक बानगी 27 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा में देखने को मिली. छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र चल रहा है, जिसमें वो 120 नक्सली भी पहुंचे, जो सरेंडर कर चुके हैं.
माओवाद की विचारधारा त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले इन 120 पुनर्वासित माओवादियों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर लोकतंत्र की प्रक्रिया का अवलोकन किया. युवाओं ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझा. यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक अनुभव साबित हुआ.
मुख्यमंत्री से मुलाकात
सरेंडर कर चुके इन नक्सलियों की छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात हुई. मुख्यमंत्री ने सभी का ‘जय जोहार' के साथ स्वागत करते हुए कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी साथियों का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है. उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखेगी.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें और आत्मनिर्भर बनें. इसी उद्देश्य से पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. उन्होंने युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया.
उपमुख्यमंत्री का संदेश
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा ‘गन'तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार हृदय से स्वागत करती है. उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का मार्ग है. पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और कौशल विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे और अन्य लोगों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेंगे.
मंत्रिमंडल की सहभागिता
मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों ने भी मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ दृढ़ता से खड़ा है. पुनर्वासित युवाओं ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को निकट से देखने का यह अवसर अत्यंत प्रेरणादायी रहा. उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे अब संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे.
बता दें कि इस 120 सदस्यीय दल में 66 पुरुष एवं 54 महिला प्रतिभागी शामिल हैं. यह समूह तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचा है, जहां वे शासन-प्रशासन की विभिन्न व्यवस्थाओं, कार्यप्रणालियों एवं विकासात्मक पहलों से अवगत हो रहे हैं.